महिला एथलीट ट्रायड एक सिंड्रोम है। कम खाने, मासिक धर्म संबंधी विकार और कम बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) के कारण होता है। यह समस्या दौड़, जिम्नास्टिक, बैले डांस और ऐसे अन्य खेलों के अलावा जीरो फिगर की चाह में ज्यादा होती है। यह रोग किसी भी शारीरिक रूप से दुरुस्त महिला में भी हो सकता है।
महिला खिलाड़ियों की कमजोर हो रही हड्डियाें ने बढ़ाई स्वास्थ्य संबंधी चिंता
एक महिला एथलीट ट्रायड इन तीनों कारणों में से एक या इससे अधिक के साथ की समस्या हो सकती है। रोगी किसी एक कारण में हल्के या गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। हालांकि, ट्रायड वाली 16 प्रतिशत महिला एथलीटों के तीनों घटकों में गंभीर रूप से प्रभावित होने की जानकारी है। यह स्थिति इन खिलाड़ियों को खेलते समय बेहतर प्रदर्शन का दबाव पड़ने पर स्ट्रेस फ्रैक्चर का शिकार बनाती है।
स्पोर्ट्स मेडिसिन एंड स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में महिला एथलीट ट्रायड की रोजाना एक से दो केस आ रहे सामने
महिला एथलीट ट्रायड का पहला कारण कम खाना या ऊर्जा उपलब्धता महिला एथलीट के लिए खास महत्व रखता है। एथलीट को अपनी एथलेटिक गतिविधियों व अपने दैनिक शारीरिक कार्यों के लिए ऊर्जा की जरूरत होती जरूरी ऊर्जा को संदर्भित करता है। दूसरे नंबर पर मासिक धर्म चक्र है। इसमें एमेनोरिया को मासिक धर्म चक्र की अनुपस्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है। तीसरा कारण अस्थि खनिज घनत्व (बीएमडी-बोन मिनरल डेंसिटी) है। बीएमडी को डीईएक्सए (दोहरी ऊर्जा एक्स रे अवशोषकमिति) पर मापा जाता है। कम बीएमडी डेक्सा स्कोर -1.0 से कम होता है।
महिला एथलीट ट्रायड के लक्षण
ट्रायड वाली एथलीट को पहचानना मुश्किल हो सकता है। वर्तमान के लक्षणों में अव्यवस्थित खान-पान, बालों का झड़ना, शुष्क त्वचा, थकान, वजन कम होना, चोटों के उपचार के समय में वृद्धि, स्ट्रेस फ्रैक्चर की घटनाओं में वृद्धि और मासिक धर्म चक्र की अनुपस्थिति शामिल है।
महिला एथलीट ट्रायड का मूल्यांकन और उपचार एक जटिल मुद्दा है। रोजाना एक से दो केस सामने आ रहे हैं। इसका इलाज मल्टीस्पेशलिटी टीम की ओर से किया जाना चाहिए। सावधानी से निगरानी करने की जरूरत है। निरंतर कम खाना स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है। इससे हृदय, अंतःस्रावी, प्रजनन, कंकाल, गुर्दे, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए ट्रायड वाली महिला एथलीटों की शीघ्र पहचान और हस्तक्षेप आवश्यक है।
-डॉ. राजेश रोहिल्ला, अध्यक्ष, स्पोर्ट्स मेडिसिन एंड स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर।