ये है आगे की योजना
जैस्मिन लंबोरिया ने बताया कि अब वह वर्ष 2026 में होने वाले एशियन खेलों और कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारियों पर ध्यान देंगी। इसके लिए अभ्यास जल्द शुरू करेंगी। अक्तूबर में भारत में ही वर्ल्ड कप फाइनल के मुकाबले होने हैं, जिसके लिए विशेष कैंप लगेगा। उनका मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028 के ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है।
पांच मुकाबले खेलकर जीता स्वर्ण
जैस्मिन लंबोरिया ने कहा कि इस चैंपियनशिप में उनका मुकाबला ओलंपिक पदक विजेताओं से रहा। स्वर्ण पदक जीतने के लिए उन्हें कुल पांच मुकाबले खेलने पड़े। उन्होंने कहा कि खुशी है कि वह अपने खेल में शत-प्रतिशत देने में सफल रहीं और देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।
ये बोले जैस्मिन के परिजन
पिता जयबीर, मां जोगेंद्र कौर और चाचा महाबीर ने बताया कि जैस्मिन ने 10वीं कक्षा में मुक्केबाजी का अभ्यास शुरू किया। घर में चाचा संदीप और परविंदर पहले से ही मुक्केबाज थे, जिसके चलते जैस्मिन बचपन से खेल के माहौल में पली-बढ़ीं। वर्ष 2016 में 11वीं कक्षा में पढ़ाई के साथ उन्होंने मुक्केबाजी को पूरा समय देना शुरू कर दिया और आज इस मुकाम तक पहुंचीं। परिजनों ने कहा कि आज बदलते दौर में बेटियों को भी बेटों के बराबर महत्व दिया जाने लगा है।
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