यह उपाय अपनाएं मरीज
- मरीज अपने सांस की जांच जरूर कराएं।
- अस्थमा पीड़ित अपने रक्त की जांच कराए।
- परागकणों खासकर प्रदूषण से बच कर रहें।
- धूल, धुआं या दूषित वातावरण में न निकलें।
- अस्थमा मरीज अपना इनहेलर साथ जरूर रखें।
- घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर प्रयोग करें।
अधिकारी के अनुसार
अस्थमा सांस की बीमारी है। कोविड के बाद से मरीजों को खांसी-जुकाम की समस्या अधिक लंबे समय तक रहने लगी है। कोविड का इलाज भी लंबे समय तक चलता है। कोविड के बाद अस्थमा केस कुछ बढ़े हैं। प्रदूषण और हवा की गुणवत्ता अस्थमा मरीजों को प्रभावित करती है। ऐसे में उन्हें थोड़ी सावधनी बरतनी चाहिए। -प्रो. राजेश गुप्ता, चेस्ट एंड टीबी विभाग, पीजीआईएमएस।