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एमडीयू में हुई लैंगिक संवेदीकरण विषय पर कार्यशाला

Thu, 11 Feb 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक
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समाज में बढ़ रहे यौन उत्पीड़न एवं महिला हिंसा के खिलाफ चुप्पी तोड़नी होगी। हर किसी को इसका विरोध करना होगा। ये बात पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. राजेश गिल ने एमडीयू के आईएचटीएम में हुई लैंगिक संवेदीकरण कार्यशाला में कही।
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यौन उत्पीड़न एवं हिंसा रोकथाम जांच समिति की ओर से हुई कार्यशाला में विशेषज्ञों ने छात्राओं को जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि यौन उत्पीड़न के मामले यौन उत्पीड़न समितियों के पास आ रहे हैं। यह सकारात्मक संदेश है। ऐसे मामले दर्ज कराना जरूरी हैं।

वहीं कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने कहा कि महिलाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक सोच विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। कार्यशाला की शुरुआत करते हुए हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि समाज में व्यापक स्तर पर नारी के प्रति संवेदनशील माहौल बनाने और मानसिक परिवर्तन की आवश्यकता है।
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जीजेयू हिसार से पहुंचीं विशिष्ट अतिथि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वंदना पूनिया ने कहा कि सामाजिक बदलाव लाने में महिलाओं की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वहीं पुष्पा खत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। समिति की अध्यक्ष प्रो. रेणु चुघ ने स्वागत भाषण दिया।

मंच संचालन ज्योति बधवार ने किया। इस मौके पर प्रो. पुष्पा दहिया, डीन एकेडमीक अफेयर्स प्रो. सुनीता मल्होत्रा, प्रोवोस्ट गर्ल्स प्रो. राजेश धनखड़, निदेशिका प्रो. अंजना गर्ग, प्रो. जे.एस नांदल, निदेशक आईक्यूएसी प्रो. गुलशन तनेजा, आईएचटीएम निदेशक प्रो. सत्यवान बरोदा और प्रो. बीएस गुलिया भी मौजूद रहे।
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