रोहतक। एमडीडी ऑफ इंडिया टीम की तरफ से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में श्रमिक सुरक्षा अभियान के तहत सेक्टर-3 के लेबर चौक पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव डाॅ. तरन्नुम खान के मार्गदर्शन में किया गया।
टीम ने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। श्रमिकों को टोल फ्री नंबर के से भी अवगत कराया गया। इसमें श्रमिकों को बाल विवाह निषेध कानून के बारे में भी जानकारी दी गई। श्रमिकों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कि कानूनी अपराध है। बाल विवाह करवाने वाले या इसमें शामिल होने वालों को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संवाद