वैश्य संस्था में संकट गहरा गया है। यहां घाटा कम करने के नाम पर कर्मियों
को निकाले जाने और हड़ताल का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
प्रबंधन ने
बृहस्पतिवार को वैश्य पब्लिक स्कूल के सात और कर्मचारियों को बाहर निकाल
दिया। वहीं, प्रिंसिपल समेत पूरे स्टाफ को बाहर करने के निर्देशों के बाद
वीआईएमटी में भी कर्मचारियों ने तालाबंदी कर हड़ताल शुरू कर दी। उधर
इंजीनियरिंग कॉलेज के कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे।
गौरतलब
है कि कई दिन पहले पब्लिक स्कूल के 24 कर्मचारियों को बाहर निकाला गया था।
बृहस्पतिवार को भी इसी स्कूल के सात और स्टाफ को घर पर नोटिस भेज दिए गए।
हालांकि बृहस्पतिवार को स्कूल में किसी भी कर्मचारी ने हंगामा नहीं किया।
लेकिन वैश्य इंजीनियरिंग में कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही।
कॉलेज के प्रशासनिक भवन पर ताला लटका रहा। नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ-साथ
टीचिंग स्टाफ भी कर्मचारियों के समर्थन में आ गया। शांति बनाए रखने के लिए
पुलिस भी कॉलेज के गेट पर तैनात रही। दिन में कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता और
अन्य सदस्यों ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर आश्वासन दिया।
वीआईएमटी में भी की तालाबंदी, हड़ताल पर बैठे कर्मचारी
इंजीनियरिंग,
लॉ और फार्मेसी कॉलेज के बाद हड़ताल की आंच अब वीआईएमटी (वैश्य
इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी) तक भी पहुंच गई।
बृहस्पतिवार को
कॉलेज प्राचार्या के पास सोसायटी ऑफिस से पत्र भेजा गया। आदेश दिया गया है
कि अपने साथ-साथ कॉलेज के पूरे स्टाफ की पर्सनल फाइल सोसायटी में जमा करा
दें। इस पत्र के बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारी कॉलेज में
तालाबंदी कर हड़ताल पर बैठ गए।
ऐलान कर दिया कि उन्हें बेवजह सरप्लस दिखाकर
निशाना बनाया जा रहा है। कर्मचारियों की कई साल पहले जो पीयूसी (करारनामा)
हुई थी, उसे क्यों सामने नहीं लाया जा रहा। यदि प्रबंधन को निकालना ही है
तो पहले पीयूसी को उजागर करें, तब जाकर कोई फैसला लें।
कॉलेज स्टाफ एक तरफ, प्राचार्य हुए अकेले
कर्मचारियों
को हटाने पर जिन स्कूल-कॉलेजों में बवाल हो रहा है, उनमें सबसे बुरे हालात
फिलहाल इंजीनियरिंग कॉलेज के हैं। नॉन टीचिंग कर्मचारियों के साथ पूरा
स्टाफ हड़ताल पर बैठा है। कर्मचारियों का आरोप है कि केवल प्राचार्य डॉ.
अरुण गुप्ता प्रबंधन की तरफ खड़े हैं।
हालांकि कुछ लोगों के माध्यम से
प्राचार्य को भी मेसेज भिजवाया जा रहा है कि जैसे आज कर्मचारियों के साथ हो
रहा है, कहीं प्रबंधन भविष्य में उन्हें भी नौकरी से न निकाल दे। इससे
बेहतर है कि कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चला जाए।
वापस लौट गए छात्र
इंजीनियरिंग
छात्र नियमित समय पर कॉलेज में पहुंचे, लेकिन हड़ताल देख वापस लौट गए।
दीपिका, कविता और ज्योति ने बताया कि संस्था के इस फैसले से किसी पर प्रभाव
पड़े या न पड़े, लेकिन उनकी पढ़ाई जरूरत प्रभावित हो रही है। जल्दी ही
परीक्षा शुरू होने वाली हैं।
आज जुटेंगे पूर्व पदाधिकारी और सदस्य
संस्था
के स्कूल-कॉलेजों में बवाल को शांत करने के लिए शुक्रवार को सभी कॉलेजियम
सदस्य और पूर्व पदाधिकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में इकट्ठा होंगे।
कॉलेजियम
सदस्य अजय गुप्ता की तरफ से सभी सदस्य, पूर्व पदाधिकारी, अग्रवाल बंधु और
अन्य गणमान्य लोगों को मेसेज भेज दिया गया है। सुबह 9 बजे सभी वहां इकट्ठा
होंगे और फिर जुलूस के रूप में उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचेंगे।
यूं बोले प्रधान
-
इंजीनियरिंग कॉलेज के टीचिंग के प्रधान डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि
उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी बात सुनेगा, लेकिन यदि ऐसा नहीं होता तो
आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
- नॉन टीचिंग के नेता सज्जन कुमार का कहना है
कि इतना समय बीतने के बाद कर्मचारियों को बाहर निकालने का कोई आधार नहीं
है। टीचिंग और नॉन टीचिंग एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ेंगे।