संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। रोहतक-गोहाना-पानीपत रेल लाइन पर दोहरीकरण (डबलिंग) का कार्य तेज है। रेलवे ने शहर के अंदर एलिवेटेड पुल के दोहरीकरण के लिए करीब गार्डर रखने का कार्य 97 फीसदी पूरा कर लिया है। लेवल क्राॅसिंग फाटक पर गार्डर रखने का कार्य शेष है। रेलवे की ओर से रोहतक-गोहाना-पानीपत करीब 1100 करोड़ की लागत से दोहरीकरण किया जा रहा है।
रोहतक-गोहाना-पानीपत रेल लाइन एलिवेटेड पुल समेत करीब 71 किलोमीटर ट्रैक का दोहरीकरण किया जाना है। इसमें रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने करीब 350 करोड़ की लगते से तैयार होने वाले शहर के अंदर एलिवेटेड के दोहरीकरण के लिए 97 फीसदी हिस्से में गार्डर रख दिए हैं।
निर्माण विभाग की ओर से सोमवार को सोनीपत रोड के एलिवेटेड पुल पर गार्डर रखने का काम किया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बस स्टैंड रोड, बजरंग भवन निकट दिल्ली रोड व चिन्योट कॉलोनी की ओर गार्डर रखने का कार्य शेष है जिसे पांच दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पुल पर सिविल कार्य किया जाएगा।
गार्डर रखने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रही
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रोहतक-पानीपत रेल लाइन पर ट्रैक डबलिंग के लिए 714 करोड़ की लागत निर्धारित की गई है। सोनीपत रोड पर सोमवार को पोल पर गार्डर रखने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। एक तरफ का रास्ता पुरी तरह से ब्लॉक रहा जबकि दूसरी तरफ से आवागमन होने के कारण सोनीपत रोड पर प्रभावित रहा।
उन्होंने बताया कि करीब तीन किलोमीटर में विभाग ने गार्डर रखने का कार्य पूरा किया जा चुका। ट्रैक के लिए शटरिंग का कार्य जारी है। वहीं, पुल की सौंदर्यता व सुरक्षा के लिए पूर्व दिशा में रैंप डालने कार्य भी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना कि करीब एक साल में एलिवेटेड के दोहरीकरण कार्य एक साल में पूरा होगा जबकि ट्रेन दौड़ाने के लिए वर्ष 2029 तक का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से एलिवेटेड पर गार्डर रखने का कार्य किया जा रहा है। रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन का विस्तार इस साल बजट में भी रखा गया था। उसके अनुसार ही कार्य चल रहा है। मूल रूप से दिल्ली डिविजन की टीम इस कार्य की देखरेख कर रही है।
- बलराम मीणा, स्टेशन अधीक्षक, रेलवे
33 रोहतक में सोनीपत रोड पर पानीपत-गोहाना रेलवे एलिवेटेड ट्रेन पर गार्डर रखती मशीन। संवाद