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शराब पिलाने वाले उम्मीदवार का करेंगे विरोध, 45 हजार परिवार आएंगे साथ

Sun, 26 Jul 2015 02:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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रोहतक की महिलाओं ने गजब मुहिम शुरू की है।
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अब सरपंच उम्मीदवारों को संगठन की ताकत का अहसास दिलाया जाएगा।

कलानौर ब्लॉक की 2200 महिलाओं के समूह ने अनोखा प्रस्ताव पास किया है।

आने वाले पंचायत चुनाव में जो उम्मीदवार वोट के लिए शराब और रुपयों का लालच देगा, उसका विरोध किया जाएगा।

इतना ही नहीं ये महिलाएं प्रदेशभर में फैले अपनी संगठन की 45 हजार महिलाओं को इस मुहिम से जोडे़ंगी।
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन।

10-10 महिलाओं के समूह से शुरू हुआ यह अभियान अब बड़े बदलाव को तैयार है। रोहतक जिले के आंवल गांव में शनिवार को इसकी शुरुआत भी हो गई। यहां बने नया सवेरा ग्राम संगठन और जिले के दूसरे गांवों के समूहों की प्रधान महिलाओं ने दस्तखत कर प्रस्ताव पारित किया है कि पंचायत चुनाव में प्रलोभन और जातिवाद के नारे पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को विरोध किया जाएगा। मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनोद धनखड़ और ग्राम संगठन की प्रधान सोनिया देवी ने बताया कि बैठक में खंड कलानौर के सभी गांव से महिलाओं ने यह प्रस्ताव पारित किया है। मिशन का स्टाफ, समूह सेविका, सक्रिय महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अभियान को पूरे प्रदेश में ले जाया जाएगा। संगठन से जुड़े प्रदेश के 45 हजार परिवार जाति, धर्म और लालच के नाम पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार का विरोध करेंगे।  पूरे प्रदेश में 3771 समूह
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी. के. शर्मा ने बताया की आजीविका मिशन के तहत पूरे प्रदेश में 3771 समूह हैं। इनसे 45 हजार परिवार सीधे तौर पर जुड़े हैं। अब ये समूह आजीविका के साथ प्रदेश में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अलख जगाएंगे।
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मिशन के जिला निदेशक और एडीसी अमित खत्री का कहना है कि मिशन के मंच से महिलाओं नई पहल कर रही हैं। जिले में अब तक 213 नए समूहों का गठन किया गया है, जिनसे 2500 परिवार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
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इसलिए पड़ी मुहिम की जरूरत
समूह की बैठक में ब्लॉक की महिलाओं ने बताया कि अब गांव-गांव में सरपंच के उम्मीदवार उन्हें कई तरह के लालच दे रहे हैं। कोई खेत से मुफ्त चारा दे रहा है तो कोई घर-घर बाथरूम और टॉयलेट बनाने के बात कह रहा है। एक महिला ने बताया कि एक उम्मीदवार शराब के साथ-साथ घर खर्च के पैसे भी दे रहा है। गांव में जाति विशेष के सरपंच को उम्मीदवारी से हटाने के लिए तरह-तरह के लालच भी दिए जा रहे हैं। एक उम्मीदवार ने तो समूह के नाम भी कुछ पैसे जमा कराने की बात कह डाली। कई गांवों में छोटे बच्चों तक को जुए और शराब की आदत डलवाई जा रही है। वहीं, बिरादरी को देखकर तो हर कोई वोट मांग रहा है। वोट खरीदने की इसी मंशा के विरोध में अब इन महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है।
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