जीआरपी थाने में शनिवार को हंगामा हो गया।
चोरी करने के शक में रेलवे पुलिस ने थाने में एक 70 साल की बूढ़ी अम्मा की बेल्ट से पिटाई कर दी।
महिला एएसआई ने अम्मा पर जमकर गुस्सा निकाला। मामला कुछ और निकलने और परिजनों के हंगामे के बाद एएसआई को लिखित में माफी मांगनी पड़ी। जो रुपये वृद्धा के पास मिले वे उसे उसके बेटे ने दिए थे।
दरअसल, मकड़ौली खुर्द निवासी बुुजुर्ग धन्नो अपने बेटे से मिलने बहादुरगढ़ गई थी। वह शनिवार को ट्रेन से वापस रोहतक आ रही थी। यहां उनका छोटा बेटा पीजीआई में नौकरी करता है।
धन्नो ने बताया कि बहादुरगढ़ में एक युवक की जेब से रुपये निकल गए। उसी के पास वाली सीट पर मैं बैठी थी। तभी कै थल निवासी व्यक्ति ने धन्नो पर रुपये चोरी का आरोप लगा दिया।
इस पर धन्नो ने कहा कि उसने रुपये नहीं निकले, लेकिन व्यक्ति ने उसकी एक भी नहीं सुनी। हंगामा होते-होते ट्रेन जैसे ही रोहतक रेलवे स्टेशन पर रुकी तो व्यक्ति धन्नो को थाने में ले गया। यहां महिला एएसआई नरेश कुमारी ने धन्नो से पूछताछ की तो उन्होंने चोरी करने से मना कर दिया।
बुजुर्ग का पक्ष
महिला एएसआई ने थाने में आने के बाद मुझसे कोई पूछताछ नहीं की। पहले तो थप्पड़ मारे, इसके बाद कमरे में ले जाकर बेल्ट से पिटाई की। लगातार बेल्ट से पिटाई होने के बाद मुझे मजबूरी में चोरी की वारदात को कबूलना पड़ा। इतना ही नहीं मुझे परिवार के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं करने दिया गया। पिटाई के चलते कमर और हाथों पर निशान पड़ गए हैं। वृद्धा ने आरोप जड़ते हुए कहा कि पहले तो कैथल के व्यक्ति ने 80 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया और थाने में आकर 12 हजार रुपये चोरी होने की बात कही।
एएसआई का तर्क
एक व्यक्ति महिला को थाने में लेकर आया था। उसने धन्नो पर 12 हजार रुपये चोरी का आरोप लगाया। जब धन्नो की तलाशी ली गई तो उनकी जेब से 5 हजार रुपये निकले। धन्नो ने बताया कि वह उसके बेटे ने दिये हैं। इसके बाद महिला के बेटे से घर जाकर पूछा गया तो बात सही निकली। बाद में धन्नो को छोड़ दिया गया।
पिटाई की है इसमें मेरी गलती : महिला एएसआई
महिला एएसआई नरेश कुमारी ने कबूल किया है कि मैंने वृद्धा की पिटाई की। लेकिन पूरी जांच के बाद धन्नो को छोड़ दिया गया। नहीं तो शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज की जा सकती थी।
लिखित में मांगी माफी
मां की पिटाई की बात का पता चलने पर परिजन सुबह ही थाने में आ धमके। परिजनों ने महिला एएसआई पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। करीब एक घंटे तक पुलिस और परिजनों में तीखी नोकझोंक होती रही। एक घंटे हंगामे के बाद महिला एएसआई ने परिजनों से लिखित में माफी मांगी तो मामला शांत हुआ।