संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इसी कड़ी में विधवा अनुदान योजना के तहत राज्य की विधवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से तीन लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि जिन विधवाओं की वार्षिक आय तीन लाख रुपये, आयु 18 से 60 वर्ष, वह पूर्व ऋण मामले में डिफॉल्टर न हो आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बैंक ऋण पर देय ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम की तरफ से अनुदान के रूप में की जाएगी। ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये तथा अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है।