रोहतक। गृहमंत्री अमित शाह के रोहतक दौरे पर उनके स्टाफ को परोसे गए गुलाब जामुन में मिला कांच का टुकड़ा जिला प्रशासन के गले की फांस बन गया है। जांच के लिए नमूने भेजकर मौन हैं। सवाल यह है कि जिस रोहतक की मिठाई देश-दुनिया तक जाती है, उसे छोड़ 45 किमी दूर बहादुरगढ़ से गुलाब जामुन क्यों खरीदे गए?
शुक्रवार को प्रशासनिक स्तर पर बरती गई इस घोर लापरवाही को लेकर अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (एफडीए) डॉ. योगेश कादयान ने सफाई दी कि खाना सही मिला है। सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। गुलाब जामुन की भी जांच में कुछ नहीं मिला।
गृहमंत्री के स्टाफ के लिए जो मिठाई, दही आदि का बिल लगाया गया था, वह 19000 का है। वह मिठाई बहादुरगढ़ में जिस एसके ट्रेडर्स के नाम से खरीदी गई है, वह दुकान पिछले साल नवंबर से ही बंद है। जो दुकान ही नहीं, उसके बिल तो फर्जी ही हैं। अफसर इस प्रकरण की लीपापोती में लगे हैं।
शक के दायरे में आया कैटरर
गुलाब जामुन से कांच मिलने के मामले में कैटरर शक के दायरे में है। प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद को इस मामले से अलग बताते हुए गुलाब जामुन खरीदने वाले कैटरर का नाम लिया है। कैटरर कौन है? यह भी कोई नहीं बता रहा।
रोहतक में हैं कई नामी मिठाई विक्रेता
रोहतक में तमाम नामी दुकानदार मिठाई बनाते हैं। इसकी आपूर्ति दुनिया के कई देशों तक है। इन्हें छोड़कर वीवीआईपी प्रोग्राम के लिए कोई व्यक्ति बहादुरगढ़ क्यों भेजा गया? क्यों किसी चलताऊ दुकान से गुलाब जामुन खरीदकर मोटा बिल बनाया गया। यह वो सवाल हैं, जो जांच के दायरे में होने चाहिए लेकिन अफसरों ने सैंपल भरने का हवाला देकर बाकी पर सफेद चादर बिछा दी है।
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