सांपला। अनाज मंडी में गेहूं की आवक बढ़नी शुरू हो गई है जबकि सरसों की फसल कम हो गई है। किसी भी एजेंसी ने गेहूं की खरीद शुरू नहीं की है। एजेंसी गेहूं में नमी की मात्रा अधिक बता रही है जिसके कारण किसानों के गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि आढ़तियों की ओर से किसानों के गेहूं को खुले आसमान के नीचे डाला जा रहा है। सोमवार तक मंडी में करीब 6000 क्विंटल गेहूं की आवक हुई और देर शाम तक किसान अपनी फसल को लेकर मंडी पहुंच रहे थे। अगले एक-दो दिन के बाद आवक और बढ़ेगी। सरकार की ओर से इस बार गेहूं का एमएसपी रेट 2275 रुपये क्विंटल निर्धारित है। सरकार की तरफ से 1 अप्रैल को गेहूं की खरीद के निर्देश जारी किए हुए हैं।
8 दिन बीत जाने के बाद भी मंडी में एजेंसी की ओर से खरीद शुरू की गई। दो एजेंसियों से किसानों की फसल खरीदी जानी है। सोमवार बुधवार को हैफेड और अन्य चारों दिन वेयरहाउस की ओर से खरीदा जाएगा। सोमवार तक मंडी में बारदाना भी नहीं पहुंचा था।
37000 क्विंटल सरसों की हुई खरीद
लगभग मंडी में सरसों की आवक पूरी हो चुकी है। सोमवार तक सीजन में करीब 37000 क्विंटल सरसों बिक्री के लिए पहुंची। 28 हजार क्विंटल का उठान हुआ है।
-किसान की फसल पर नहीं लगेगी जीएसटी
मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार ने सोमवार को दो किसानों ने एक आढती पर उनकी सरसों की फसल पर 5 पर्सेंट जीएसटी लगाने की शिकायत मिली। उन्होंने सभी आढ़तियों को फटकार लगाई और चेतावनी दी अगर किसी की भी शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसान की फसल पर कोई जीएसटी नहीं लगेगी
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मंडी में गेहूं की आवक तेज हो गई है। जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण कराया हुआ है। एमएसपी पर उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदेगी। किसानों को चाहिए कि वह अपनी फसल को साफ और सुखाकर लाएं। 12% तक की नमी वाली फसल की एजेंसी की ओर से खरीद की जा सकेगी। - दीपक कुमार मार्केट कमेटी सचिव सांपला।
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