बहादुरगढ़। दिल्ली में प्रवेश करते ही राजधानी की अलग पहचान और बेहतर तस्वीर दिखाने की योजना अब जमीन पर उतरने लगी है। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 13 प्रमुख प्रवेश द्वारों के कायाकल्प की योजना बनाई है। इनमें बहादुरगढ़ के बादली क्षेत्र से जुड़े ढांसा बॉर्डर को भी शामिल किया गया है। दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम की ओर से चार प्रमुख प्रवेश द्वारों के निर्माण और सुंदरीकरण के लिए 39.90 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई है। इनमें ढांसा के अलावा कपासहेड़ा, अर्जनगढ़ और औचंदी-खरखौदा प्रवेश द्वार शामिल हैं।
प्रवेश द्वारों पर बिजली और बागवानी से जुड़े कार्य भी किए जाएंगे। निविदा में कार्य पूरा होने के बाद बिजली और बागवानी व्यवस्था के तीन साल तक रखरखाव का प्रावधान भी किया गया है।
भौगोलिक और ऐतिहासिक पहचान के आधार पर होगा विकास
सरकार की योजना के तहत दिल्ली के 13 प्रमुख प्रवेश द्वारों को उनकी भौगोलिक और ऐतिहासिक पहचान के आधार पर विकसित किया जाना है। दिल्ली सरकार का मार्च 2026 में पेश बजट में इन स्थानों पर भव्य स्वागत द्वार बनाने के साथ राउंडअबाउट और सड़कों के सुंदरीकरण की घोषणा की गई थी।
कई साल से अटकी थी योजना
दिल्ली के प्रवेश द्वारों को आकर्षक बनाने की योजना पहली बार नहीं बनी है। वर्ष 2018-19 में भी इसका विचार सामने आया था और 2019-20 के बजट में करीब 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। पहले टिकरी कलां, आनंद विहार, अप्सरा बॉर्डर, कपासहेड़ा और गाजीपुर समेत कई स्थानों को विकसित करने की योजना बनी, लेकिन काम पूरी तरह से आगे नहीं बढ़ सका। अब नए सिरे से 13 प्रवेश द्वारों के विकास की योजना बनाई गई है।