महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए देव कॉलोनी
की ओर वाले रास्ते को बंद करने के फैसले पर बवाल मच गया है।
देव
कॉलोनी के लोगों ने रास्ता बंद करने के लिए गए मिस्त्रियों और मजदूरों को
वहां से भगा दिया। बाद में एमडीयू के कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स ने बातचीत के
लिए कालोनी वासियों को बुलाया, परंतु वे रास्ता बंद न करने की मांग पर अड़े
रहे। मामला बढ़ता देख एमडीयू अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।
एमडीयू
के होटल मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के निदेशक डॉ. आशीष दहिया पर दो दिसंबर पर
हमले के बाद एमडीयू प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए जरूरी
कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने देव कॉलोनी से एमडीयू
में प्रवेश करने वाले रास्ते को बंद करने के आदेश जारी किए। रविवार को
रास्ता बंद करने के लिए ईंट व अन्य सामान गेट के पास रखवा दिया गया। सोमवार
सुबह मिस्त्री व मजदूर मौके पर पहुंचे और रास्ता बंद करने लगे। यह देख
कालोनी वासी एकत्रित हो गए और उन्होंने मिस्त्री और मजदूर को वहां से भगा
दिया।
इस बात का पता एमडीयू के कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स व अन्य
अधिकारियों को लगा तो उन्होंने कालोनी वासियों को बातचीत के लिए बुलाया।
साथ ही टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को भी मौके पर बुलवा लिया। कालोनी वासी
अपनी जिद पर अड़ गए कि किसी भी सूरत में रास्ता बंद नहीं होने देंगे। मामला
सिरे न चढ़ता देख एमडीयू के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। कुलसचिव का कहना
है कि इस विषय में अधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा। वहीं,
मामले को लेकर कालोनी में बैठक भी हुई, जिसमें लोगों ने कहा कि यह रास्ता
बंद होने से उन्हें कई किलोमीटर दूर का चक्कर लगाना पड़ेगा।