रोहतक। ये पब्लिक हेल्थ विभाग है साहब, जो अपनी मनमर्जी से चलता है। अफसरों के आदेश का उल्लंघन करना इसकी नियति बन चुकी है। यही वजह है कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद पब्लिक हेल्थ ने ओमैक्स सिटी में सप्लाई होने वाले पानी के सैंपल नहीं भरे हैं। विभाग के अफसरों का कहना है कि पूरी टीम सोमवार को जगह-जगह से सैंपल लेगी। वहीं, नगर निगम और टाउन ऐंड कंट्री के एसटीपी को अपनी रिपोर्ट सोमवार को ही डीसी को सौंपनी है। बता दें कि टीम ने 11 दिसंबर को ओमैक्स सिटी में सुविधाओं को लेकर निरीक्षण किया था, इस दौरान सीवर सिस्टम ठप होने से लेकर अन्य खामियां मिली थीं। इस पर टीम ने सिटी के एजीएम से सात बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।
याद रहे कि बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर सात दिसंबर को बिजली निगम ने ओमैक्स सिटी की बिजली सप्लाई काट दी थी, जो उपायुक्त और बिजली मंत्री के हस्तक्षेप के बाद चालू हो सकी। इससे गुस्साए कॉलोनी के लोगों ने उपायुक्त से मुलाकात करके समस्याओं का पिटारा खोल दिया। आरोप लगाया कि करीब 600 परिवार बिजली, पानी, सड़क, गंदगी और सुरक्षा की समस्या से जूझ रहे हैं। जब घर लाखों रुपये में खरीदा था, तब ओमैक्स कंपनी ने लिखित में कई सुविधाएं देने का वायदा किया था मगर अधिकांश वायदे आज तक पूरे नहीं किए हैं।
मामले की गंभीरता को देख उपायुक्त ने सिटी मजिस्ट्रेट महेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की जिसमें नगर निगम से एसटीपी केके वार्ष्णेय व एसटीपी टाउन ऐंड कंट्री प्लान नरेंद्र सोलंकी को शामिल किया गया। गत बुधवार को टीम ने औमैक्स सिटी का तीन घंटे निरीक्षण किया तब लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि जिस पानी को पीने के लिए सप्लाई किया जा रहा है, उसका टीडीएस 800-900 रहता है। यही नहीं बिना किसी अनुमति के सात पंपों से चौबीस घंटे भूजल को खींचकर सप्लाई किया जा रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने न सिर्फ ओमैक्स सिटी कंपनी के एजीएम से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी बल्कि पब्लिक हेल्थ विभाग के निर्देश दिए कि वह कालोनी से पानी के सैंपल लेकर जांच करवाकर रिपोर्ट सौंपे ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। हैरानी की बात है कि पब्लिक हेल्थ विभाग ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जिसकी वजह से शनिवार को पानी के सैंपल नहीं भरे जा सके। ऐसा नहीं कि सैंपल भरने के लिए पब्लिक हेल्थ के अफसरों ने एसडीओ को निर्देशित नहीं किया।
एक्सईएन भानु प्रकाश का कहना है कि किसी वजह से टीम ओमैक्स सिटी से पानी के सैंपल नहीं ले सकी। अब सोमवार को कालोनी के अंदर जगह-जगह से सैंपल लेकर जांच की जाएगी।
इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
1. लाइसेंस कापी, एसटीपी से बना लेआउट प्लान
2. एसटीपी की एनवायरमेंट क्लीयरेंस लॉग बुक
3. वायु व पानी प्रदूषण रोकने के लिए किए उपाय
4. कितनी स्ट्रीट लाइट लगाई और कितनी जल रही।
5. सुरक्षा उपाय के तहत कितने सीसीटीवी कैमरे लगाए, अभी तक कितने गार्ड तैनात किए। प्रत्येक का नाम और फोन नंबर।
6. सीवरेट ट्रीटमेंट प्लान की लॉग बुक
7. सीवरेट ट्रीटमेंट प्लान पर तैनात कर्मियों की संख्या। प्रत्येक का नाम और फोन नंबर