रोहतक। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा में वीरवार को सुनो नहरों की पुकार मिशन के संरक्षक व शिक्षक दीपक छारा की ओर से सात दिवसीय एनएसएस कैंप के छठे दिन जल स्वच्छता व संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संरक्षक दीपक ने बच्चों को पेयजलापूर्ति का एकमात्र स्रोत नहरों को अंधविश्वास के नाम पर प्रदूषित न करने और जल की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया गया। दीपक छारा ने बताया कि पहले पेयजल के स्रोत कुएं, तालाब जोहड़, बावड़ी व नलकूप आदि होते थे, जो धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। अब अधिकतर आबादी पेयजल के लिए नहरों पर आश्रित है, लेकिन कुछ लोग अंधविश्वास के कारण नहरों के बहते हुए पानी में प्लास्टिक, तस्वीरे, मूर्तियां, नारियल, अनाज, फल, फूल और 80 तरह के सामान डाल देते हैं। इससे नहरों का पानी दूषित हो रहा है।
अगर इसी तरह से हम जल को दूषित करते रहे और पेयजल की बर्बादी करते रहे तो आने वाली पीढि़यों को पीने के लिए पानी नहीं मिलेगा। जिस तरह इसको प्रदूषित किया जा रहा है, उसके कारण आमजन में बहुत सी जल जनित बीमारियों ने घेर रखा है। इसी तरह जल को बर्बाद करते रहे तो आने वाले समय में पीने के लिए पानी नहीं मिलेगा। जल की स्वच्छता व संरक्षण के लिए हमें प्रशासन व सरकार के साथ मिलकर प्रयास करने होंगे।