जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में पानी की कटौती शुरू कर दी है। जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर और भालौठ सब ब्रांच नहर में पानी की आपूर्ति बंद होने से जल घरों में पानी का स्तर घट रहा है। वहीं, शहर के जलघरों (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) में हर दिन एक फीट पानी घट रहा है।
इसके चलते जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी कटौती के तहत सप्लाई को 90 मिनट से घटाकर करीब 30 मिनट कर दिया है। ऐसे में जेएलएन नहर के बार-बार आपूर्ति बंद होने के कारण शहरवासियों को पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है। होली पर भी शहरवासियों के लिए पानी की किल्लत रहने वाली है, क्योंकि नहरी विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति बंद के लिए तीन बार तिथियां बदलने का पत्र जारी किया गया है।
18 फरवरी को जेएलएन और 26 फरवरी को बीएसबी नहर में जल आपूर्ति बंद होने से शहरवासियों को एक दिन में दो समय उपलब्ध होने वाला पानी अब एक समय मिल रहा है। वह भी कटौती के साथ कई इलाकों में करीब 30 मिनट ही मिल रहा है। फिलहाल, जलघरों में मुश्किल से सिर्फ 7 से 8 दिन का पानी ही बचा हुआ है।
जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अगर सिंचाई विभाग दोबारा से जेएलएन नहर में पेयजल आपूर्ति बंद होने की तिथि नहीं बढ़ाता है, तब तक शहर की जनता को पानी मिलता रहेगा। अगर पेयजल आपूर्ति की तिथि बढ़ाई जाती है तो पानी की कटौती और बढ़ाई जा सकती है। साथ ही, एक दिन के लिए भी पानी की आपूर्ति बंद की जा सकती है। वहीं, नहर विभाग ने जेएलएन कन्हेली हेड के पास शटर को बंद कर रखा है, जिसमें से बचे हुए पानी को जनस्वास्थ्य विभाग झज्जर रोड जलघर के लिए प्रयोग कर रहा है।