सांपला। इलाके में गर्मी के साथ पानी की खपत भी बढ़ गई है। ऐसे में लोगों ने पानी का उपयोग करने में सावधानी नहीं बरती तो परेशानी बढ़ सकती है। इस बार नहरों में कम पानी छोड़े जाने की वजह से सभी जलघरों के तालाब पूरी तरह से नहीं भर पाए। इसकी वजह से पानी का संकट गहरा सकता है।
सभी गांव में पब्लिक हेल्थ विभाग की तरफ से पानी की सप्लाई दी जाती है। नहरी पानी का स्टाॅक करने के लिए बड़े-बड़े तालाब बनाए हुए हैं। इस बार माइनर में कम पानी छोड़े जाने की वजह से कई गांव के जलघर के तालाब पूरी तरह से नहीं भर पाए। गर्मी बढ़नी शुरू हो गई है। इस वजह से पानी की खपत भी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग ने हेड ऑफिस से करीब 750 क्यूसिक पानी की डिमांड की थी। यह भी घटकर 450 क्यूसिक पानी रह गया।
कम पानी की वजह से कई गांव में जलघरों के तालाब नहीं भर पाए। कस्बे में भी जलघर का एक बड़ा तालाब सूखा पड़ा है। इसके अलावा दत्तौड़ समेत कई गांव में भी जलघरों में आधा अधूरा पानी बचा है। पब्लिक हेल्थ के एसडीओ अनिल कुमार का कहना है कि नहर से कम पानी मिलने की वजह से कई तालाब नहीं भर पाए। लोगों को रूटीन में पानी देने के लिए ट्यूबवेलों का सहारा लिया जा रहा है। अभी लोगों से अपील की है कि वह जरूरत के हिसाब से ही पानी का प्रयोग करे। व्यर्थ में पानी न बहाएं।