रोहतक। उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना समाज में समानता और सशक्तिकरण का प्रतीक है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों और दिव्यांगजनों के विवाह में सहयोग देने के उद्देश्य से लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अनुसूचित जाति, विमुक्त, टपरीवास जाति के लाभार्थियों को 71,000 रुपये, पिछड़े और सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 41,000 रुपये की सहायता दी जाती है। उपायुक्त ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए विवाह के बाद 6 माह के भीतर विवाह पंजीकरण अनिवार्य है।