हतक के गांव बालंद में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम का किया निरीक्षण करने पहुंचे उपायुक्त धर्मेंद्र सि
रोहतक। सेमग्रस्त कृषि भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए वर्टिकल ड्रेनेज प्रणाली कारगर साबित हो रही है। उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से अब तक जिले की 8400 एकड़ कृषि भूमि को सुधार कर किसानों को लाभ पहुंचाया गया है।
उपायुक्त ने गांव बालंद और घिलौड़ कलां का दौरा कर प्रणाली का निरीक्षण किया और किसानों से फीडबैक लिया। किसानों ने बताया कि पहले खेतों में जलभराव के कारण फसल नहीं हो पाती थी लेकिन अब वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम से खेतों में फसलें लहलहा रही हैं।
बालंद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह प्रणाली शुरू की गई थी, जहां 100 एकड़ पर एक ट्यूबवेल लगाया गया। अब यहां कुल 5 ट्यूबवेल संचालित हैं। यह प्रणाली सौर ऊर्जा पर आधारित है और प्रतिदिन चार से पांच घंटे पानी निकासी का कार्य करती है।
कृषि विभाग की अधिकारी नीना सुहाग ने बताया कि यह प्रणाली सरकार की ओर से मुफ्त लगाई जाती है। इसके लिए संबंधित पंचायत को प्रस्ताव भेजना होता है, जिसके बाद विभाग सर्वे कर स्थापना करता है। यह प्रणाली अब तक जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों में स्थापित की जा चुकी है।