माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक /महम /सांपला /कलानौर। कोहरे की चादर व सड़क किनारे खड़े भारी वाहन राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग को हादसों के चलते खून से लाल कर सकते हैं। मौसम में आए बदलाव के साथ ही हाईवे पर सुरक्षा का सवाल उठ खड़ा हुआ है।
अमर उजाला ने इसको लेकर हाईवे की पड़ताल की तो यह सच सामने आया। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 9 दिल्ली-हिसार व सोनीपत-झज्जर पर दो जगह सड़क किनारे वाहन खड़े नजर आए। रोहतक-भिवानी राज्य राजमार्ग पर भी जिंदराण मोड कलानौर के पास सड़क किनारे वाहन खड़े नजर आए।
वीरवार को दिल्ली-हिसार एनएच नौ व सोनीपत-झज्जर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 344 पर करीब 15-15 किलोमीटर तक पड़ताल की गई। दोनों सड़कों के किनारे वाहन खड़े नजर आए। इन दोनों वाहनों पर सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टर लगे हुए थे। इन सड़कों पर दौड़ते अनेक वाहनों पर रिफ्लेक्टर नजर नहीं आए। इनके सड़क पर खड़े होने की स्थिति में हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
इस वर्ष जनवरी से अब तक 137 लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। सड़कों पर परिवहन व्यवस्था दुरुस्त बनाकर इन हादसों को कम किया जा सकता है।
राज्य राजमार्ग पर भी नजर आए पशु
रोहतक-भिवानी राज्य राजमार्ग जिंदराण मोड कलानौर में भी सड़क किनारे वाहन खड़े नजर आए। रोहतक-सोनीपत रोड पर बोहर से आगे ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर दौड़ती नजर आई। इस पर रात के समय हादसों से बचाने वाले रिफ्लेक्टर नहीं लगे थे। यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों से ज्यादातर पर रिफ्लेक्टर गायब मिले। हाईवे पर तूड़ी से लदे वाहन भी रफ्तार से दौड़ते दिखाई दिए। इनमें ट्रैक्टर ट्रॉलियां भी शामिल रहीं। इन ट्रॉलियों पर निर्धारित वजन से अधिक लोड नजर आया। यही नहीं, इन पर न रिफ्लेक्टर टैप लगा और न ही बचाव के अन्य उपाय।