माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। शहर में रोज 250 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा निकल रहा है, जिसे ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाने वाले वाहन डेढ़ साल से नगर निगम कार्यालय में जर्जर हो रहे हैं।
इतना ही नहीं, 90 प्रतिशत क्षेत्र में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग तक नहीं किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की तरफ से हर साल स्वच्छता को लेकर सर्वेक्षण करवाया जाता है। पिछली बार रोहतक प्रदेश में पहले स्थान पर आया था, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग गिर गई। इसके बावजूद चुनावी साल 2024 में शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कदम नहीं उठाए गए।
अब साल 2025 में भी सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। शहर में जगह-जगह कचरा पड़ रहता है। पुराने गोहाना अड्डे पर तो सुबह सड़क के बीचोबीच कचरे का ढेर लग जाता है, जिससे रोड तक जाम हो जाता है। निजी एजेंसी के कर्मचारी 11 बजे तक कचरा उठाकर ले जाते हैं, लेकिन दोपहर बाद फिर वहीं ढेर लग जाता है।
कार्यालय के सामने पड़ा कचरा, अधिकारी कर रहे अनदेखी : सोनीपत रोड पर पंडित श्रीराम शर्मा रंगशाला के अंदर निगम कार्यकारी अभियंता मनदीप धनखड़ का कार्यालय है, जो सफाई व्यवस्था की टेंडर प्रक्रिया को देखते हैं। इतना ही नहीं, श्रीराम रंगशाला के पास ही मानसरोवर पार्क की तरफ मुख्य सफाई निरीक्षक सुंदर का कार्यालय है। इसके बावजूद सोनीपत रोड पर रंगशाला के सामने दोपहर तक कचरा सड़ता रहता है।