बहादुरगढ़। बहादुरगढ़-छारा मार्ग की हालत इन दिनों जर्जर हो चुकी है। कहीं धूल के गुबार उड़ रहे हैं तो कहीं सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। गड्ढों में पानी भरा रहने के कारण समस्या कहीं ज्यादा बढ़ रही है। फिलहाल लोगों को इस मार्ग पर वाहन चलाते समय हिचकोले मिल रहे हैं। हालांकि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से मार्ग बनाने के लिए टेंडर लगाया गया है। अधिकारियों का दावा है कि आचार संहिता हटते ही मार्ग बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्माण पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में बहादुरगढ़ से छारा गांव तक सड़क बनाई जाएगी।
बहादुरगढ़ में सेक्टर-2 मोड़ से लेकर छारा गांव तक की सड़क चलने लायक नहीं है। सड़क पर गड्ढे इतने ज्यादा हैं कि लोगों को दुपहिया वाहन चलाने में भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों का आकार भी 10-10 फुट चौड़ा और दो-ढाई फुट गहरा है। इनमें कहीं-कहीं पानी भरा हुआ है। इन गड्ढों से वाहन निकालना किसी बड़ी आफत से कम नहीं है। बहादुरगढ़ से बेरी प्रतिदिन जाने वाले वाहन चालक यशु कुमार, अनिल शर्मा ने बताया कि बहादुरगढ़ से शुरू होकर यह मार्ग छारा तक बिल्कुल पूरी तरह टूट चुका है। कई बार विभागीय अधिकारियों और नेताओं से इसे बनाने की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। बहादुरगढ़ से बेरी चलने वाली बसें भी इसी रूट से होकर जाती हैं। लोगों का कहना है कि यदि इस मार्ग पर नया वाहन तीन-चार महीने लगातार दौड़ाया जाए तो उसमें भी काफी क्षति पहुंचती है। बहादुरगढ़ से बेरी का सफर यूं तो 50 मिनट का है, लेकिन अब यही सफर तय करने में वाहन चालकों को डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। यह तो दिन की बात है, यदि यही सफर रात के समय तय किया जाए तो इसे तय करने में दो घंटे लगते हैं। लोगों का कहना है कि सड़क पर गड्ढे इतने ज्यादा है कि उनसे वाहन निकालना बेहद मुश्किल होता है। वाहन की स्पीड बेहद धीमी रहती है। वाहन चालकों ने बताया कि मांडोठी गांव के पास तो सड़क के हालात बेहद ही खराब हैं। यहां पर सड़क नजर ही नहीं आती। गड्ढे और उनमें भरा पानी ही नजर आता है।
वर्जन...
बहादुरगढ़-छारा मार्ग का निर्माण टेंडर लग चुका है। आचार संहिता समाप्त होते ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्माण पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आमजन की समस्या का समाधान किया जाएगा।
-सुमित कोहाड़, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बहादुरगढ़।