रोहतक। वैश्य संस्था पर छाए मुश्किलों के बादल छंटने का नाम नहीं ले रहे हैं। रजिस्ट्रार कार्यालय के बाद स्टेट रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे विवाद में फैसला संस्था सचिव के पक्ष में आया है। स्टेट रजिस्ट्रार (एसआर) ने डॉ. चंद्र गर्ग को ही चुनाव अधिकारी मानते हुए चुनाव कराने का फैसला दिया है। इधर, प्रधान पक्ष की अपील अदालत से खारिज हो गई। जबकि संस्था के सदस्य की याचिका पर अदालत ने चुनाव पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई पर ही किसी तरह के फैसले की उम्मीद है।
संस्था चुनाव को लेकर प्रधान व सचिव पक्ष में सांप सीढ़ी का खेल जारी है। संस्था में 500 वोट बनाने को लेकर उभरा विवाद लगातार उलझता जा रहा है। पहले प्रधान व सचिव के बीच विवाद हुआ। समाधान नहीं होने पर मामला जिला रजिस्ट्रार (डीआर) कार्यालय पहुंचा। यहां सचिव को चुनाव अधिकारी नियुक्त करते हुए चुनाव कराने का फैसला हुआ। इस फैसले से नाखुश प्रधान पक्ष ने स्टेट रजिस्ट्रार कार्यालय में न्याय के लिए अपील की। यहां भी वीरवार को केस की सुनवाई करते हुए फैसला सचिव के पक्ष में गया। स्टेट रजिस्ट्रार ने जिला रजिस्ट्रार के फैसले को सही ठहराते हुए सचिव को ही चुनाव अधिकारी मानते हुए चुनाव कराने के आदेश जारी कर दिए। प्रधान पक्ष की चुनाव अधिकारी हटवाने व चुनाव रुकवाने की अपील खारिज हो गई।
इस बीच चुनावी मुद्दे में नया पेंच सामने आया। संस्था सदस्य विकास मित्तल व अन्य ने अपने वोट काटे जाने को लेकर जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में अपील की थी। इस पर फैसला न करते हुए तारीख ही दी गई। अब रजिस्ट्रार ने इस मामले में 15 फरवरी की तारीख दी है। जबकि इसी दिन नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है। ऐसे में विकास मित्तल व अन्य ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इनका कहना है कि जिला रजिस्ट्रार यदि हमारी याचिका का समाधान नहीं करते हैं तो अगली कार्रवाई तक चुनाव रोकना होता है। यह नियम है। इसके बावजूद ऐसा नहीं किया जा रहा है। इसलिए अदालत की शरण लेनी पड़ी। वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले में वीरवार को सुनवाई करते हुए चुनाव पर रोक लगाने का फैसला जारी किया है। साथ ही एक आरओ भी नियुक्त किया है।
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समय पर होंगे संस्था के चुनाव
संस्था के चुनाव समय पर होंगे। इसका शेड्यूल जारी हो चुका है। इसके तहत 15 फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। स्टेट रजिस्ट्रार कार्यालय ने भी मुझे ही चुनाव अधिकारी मानते हुए चुनाव कराने की मंजूरी दी है। अब चुनाव होंगे।
डॉ. चंद्र गर्ग, सचिव एवं चुनाव अधिकारी, वैश्य संस्था
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संस्था का राजनीतिकरण किया जा रहा है। राजनीतिक दबाव में ही फैसला दिया गया है। हम पर भी राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। हमें न पहले और न ही अब प्रशासन से किसी तरह की उम्मीद है। हमें अदालत पर विश्वास है। इसलिए फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।
-विकास गोयल, प्रधान, वैश्य संस्था