नियुक्तियों को लेकर विवादों में रहने वाली एमडीयू में एक बार फिर भर्ती फजीवाड़ा सामने आया है।
इनसो कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर में छुट्टी के दिन डीईओ का टेस्ट लेकर गुपचुप तरीके से भर्ती कराई जा रही थी।
कार्यकर्ताओं के हंगामा करने पर भर्ती होने वाले अभ्यर्थी व कर्मचारी वहां से भाग खड़े हुए हैं।
गुस्साए कार्यकर्ताओं ने कुलपति आवास पर भी जमकर हंगामा किया।
कार्यकर्ता कुलपति के आश्वासन पर भी संतुष्ट नहीं हुए और चेतावनी दी कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत से हो रही नियुक्तियों को नहीं होने दिया जाएगा।
शनिवार सुबह 11 बजे एमडीयू के कंप्यूटर सेंटर में कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स की मौजूदगी में डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के टेस्ट लिए जा रहे थे। इसी बीच इनसो के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देशवाल कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाय कि एमडीयू प्रशासन गुपचुप तरीके से डीईओ की भर्ती कर रहा है। भर्ती के लिए न कोई आवेदन किया गया और न ही इसकी सूचना जारी की गई। यही नहीं भर्ती के लिए सूची स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर के कार्यालय से पहले ही आ चुकी है। इसीलिए उन्हीं अभ्यर्थी को बुलाया गया है। मामला बढ़ता देख कंप्यूटर सेंटर के बाहर खड़े कुछ अभ्यर्थी व कर्मचारी वहां से भाग निकले। इसी बीच भर्ती प्रक्रिया भी बंद कर दी गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव के आवास पर पहुंचकर हंगामा किया, लेकिन कुलसचिव के नहीं मिलने सभी कुलपति आवास पहुंच गए। हंगामा होते देख कुलपति सुधीर राजपाल और कुलसचिव बाहर निकले। कुलपति ने तर्क दिया कि यह भर्ती यूनिवर्सिटी की नहीं है। इसे टीएफएस एजेंसी करा रही है। कुलपति ने कार्यकर्ताओं की भर्ती के लिए अपने आदेश की प्रति भी दिखाई, लेकिन कार्यकर्ता उनके आश्वासन पर संतुष्ट नहीं हुए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि इसकी जांच कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
कुछ इस तरह हुए कुलपति और कार्यकर्ता आमने-सामने
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि जब यूनिवर्सिटी की भर्ती नहीं थी तो कंप्यूटर सेंटर में टेस्ट क्यों लिया जा रहा था, जबकि कंप्यूटर सेंटर में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश बंद है। कुलपति ने कहा, जिन लोगों का टेस्ट लिया जा रहा था वह यूनिवर्सिटी में लगाए जाने हैं। इस पर कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब यूनिवर्सिटी में लगाए जाने है तो भर्ती की सूचना जारी क्यों नहीं की गई। इस पर कुलपति कोई जवाब नहीं दे सके।
30 पद और 30 ही पहुंचे अभ्यर्थी
बताया जा रहा है कि डाट एंट्री ऑपरेटर के लिए 30 कर्मचारियों की भर्ती होनी थी और 30 ही अभ्यर्थी टेस्ट के लिए पहुंचे थे। इनसो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब भर्ती होनी थी तो पहले सूचना क्यों नहीं दी गई। एमडीयू प्रशासन इनसो के इन आरोपों से भी बचता नजर आया।
यह बोले कुलपति
यूनिवर्सिटी में स्टाफ की कमी है। रेग्युलर स्टॉफ की भर्ती में समय लगेगा। ऐसे में काम प्रभावित हो रहा है, जिस कारण टीएसएफ एजेंसी के माध्यम से अस्थाई तौर पर 17 लोगों की भर्ती होनी है। इसमें कोई धांधली नहीं है।
- सुधीर राजपाल, कार्यवाहक कुलपति, एमडीयू
-----------
मैं सीएम साहब के साथ चंडीगढ़ में हूं। मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। आरोप निराधार है। मैं कभी सरकारी कार्यों में दखलअंदाजी नहीं करता।
- मनीष ग्रोवर, विधायक भाजपा