रोहतक। मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सभी श्रेणी के आवेदकों को मधुमक्खी बॉक्स व मधुमक्खी कॉलोनिज पर 85 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। मधुमक्खी पालकों को मार्केट में उचित भाव न मिलने के कारण नुकसान से बचाने के लिए शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है।
मधुमक्खी पालक मधुकांति पोर्टल व हनी ट्रेड पोर्टल सेंटर पर पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठा सकते हैं। पंजीकरण का समय एक दिसंबर से 31 मई तक निर्धारित है। इसके लिए परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
बक्सों का सत्यापन उद्यान विभाग की टीम की ओर से जनवरी से जून माह के बीच किया जाता है व बिक्री का समय भी जनवरी से जून माह तक ही रहेगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि लाभ प्राप्त करने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक एक हजार बक्सों की अधिकतम सीमा व 120 रुपये प्रति किलोग्राम शहद का बेस प्राइस निर्धारित किया गया है। 30 किलोग्राम प्रति बॉक्स के हिसाब से प्रतिवर्ष 30 हजार किलोग्राम तक प्रति मधुमक्खी पालक बिक्री सीमा निर्धारित की गई है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि योजना का लाभ कुरुक्षेत्र के रामनगर आबीडीसी स्थित हनी ट्रेड सेंटर पर शहद की बिक्री करने वाले मधुमक्खी पालक को मिलेगा।
संवाद