हर खेल में हरियाणा की माटी में जन्मे खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झंडा गाड़ रहे हैं। प्रदेश की खेल नीति भी बेहतर मानी जाती है, इसके बाद भी कुछ खिलाड़ी आर्थिक मदद नहीं मिलने से हताश हैं। अब ऐसे खिलाड़ियों पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली की खेल एसोसिएशन डोरे डाल रही हैं।
इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। प्रदेश के कई खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर से खेलने का न्योता मिल चुका है। अब रियो ओलंपिक की ट्रेनिंग के लिए राष्ट्रीय रिकार्डधारी धावक धर्मबीर सिंह को परेशान देखकर दिल्ली व उत्तर प्रदेश की खेल एसोसिएशन ने अपनी ओर से खेलने का बुलावा भेजा है। हालांकि खिलाड़ी ने बुलावे पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
अंतरराष्ट्रीय गेम्स चाहें ओलंपिक हों, एशियन हों या फिर कॉमनवेल्थ, पदक विजेताओं की सूची में हरियाणा के खिलाड़ियों का नाम सबसे ऊपर होता है। राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का डंका बजता है। प्रदेश की खेल नीति के बदौलत खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन मिलता है। इसके बावजूद कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद आर्थिक परेशानी झेलते हैं।
200 मीटर के नेशनल रिकार्डधारी धावक रोहतक के धर्मबीर सिंह इस समय रियो ओलंपिक के लिए बड़े दावेदार हैं, लेकिन बाहर ट्रेनिंग करने के लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। धर्मबीर सार्वजनिक मंच पर भी ये दर्द बयां कर चुके हैं। नेशनल रिकार्डधारी धावक को इस तरह से हताश देखकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों ने उस पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। खेल एसोसिएशन उन्हें अपने प्रदेश से खेलने के लिए बुला रही हैं। धावक धर्मबीर ने खुद इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने अपने यहां से खेलने के लिए कहा है, लेकिन अभी इस पर विचार नहीं किया है।
इस तरह से पहली बार उत्तर प्रदेश और दिल्ली ने हरियाणा के किसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पर डोरे नहीं डाले हैं, इससे पहले अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर रेनू को अपने यहां से खेलने के लिए बार-बार कहा गया। जिस तरह से हरियाणा में आर्थिक समस्या से जूझने वाले खिलाड़ियों को तुरंत ही उत्तर प्रदेश व दिल्ली से खेलने का न्योता दिया जा रहा है। उससे यह भी साफ हो गया है कि यहां के खिलाड़ियों पर हर किसी की नजर है।