सांपला। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार देर रात से ही इलाके में बार-बार मौसम बदल रहा है। रविवार दोपहर हल्की बारिश के साथ हवा भी चली, इसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसल पकने को लगभग तैयार हैं। यदि अब मौसम खराब रहता है तो किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
बदले मौसम के चलते जिन किसानों ने हाल में गेहूं की फसल में पानी लगाया था। वहां कहीं- कहीं हवा चलने के कारण जमीन पर फसल बिछ गई है। मौसम में भी दोबारा से ठंडक महसूस होने लगी है। साथ ही शनिवार व रविवार की रात को दिन रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी बरसात होने की संभावना है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं।
हवा सिंह, नरेश कुमार ,कप्तान सिंह, सुदेश ने बताया कि बरसात से गेहूं, सरसों की फसलों में नुकसान होगा जो फसल जमीन पर गिर जाएगी उसमें उत्पादन कम होगा। वहीं सरसों की कटाई का काम चल रहा है। कटी हुई फसल हल्की बारिश में भीग गई। आगे बारिश नहीं होगी तो दो-तीन दिन के बाद कढ़ाई व कटाई का काम चल पाएगा।
गेहूं की फसल अंतिम चरण में
इस बार किसानों ने जिले में करीब 100000 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की हुई है। करीब 60 प्रतिशत गेहूं अगेती और 40 प्रतिशत एरिया में पछेती फसल लगी हुई है। अगले 10 दिन में अगेती फसल की कटाई शुरू होने की संभावना है। आगर बेमौसम बारिश और तेज हवा चली तो फसल जमीन पर बिछ सकती है और किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बात को लेकर किसान चिंता में हैं।।
ये बोले किसान
हाल में सभी फसलें अच्छी हैं। अगर बेमौसम बारिश के साथ आंधी या ओलावृष्टि होती है तो किसानों को काफी आर्थिक नुकसान होगा। अगर जल्दी से मौसम साफ नहीं होता तो जो सरसों की फसल कटी हुई है और बारिश में भीग गए तो उसमें भी नुकसान की संभावना बढ़ेगी।
-जगबीर
अगर ठीक-ठाक बारिश होती है तो गेहूं की फसल को लाभ होगा। सरसों की फसल में नुकसान की संभावना है। किसान भगवान से दुआ कर रहे हैं कि मौसम साफ रहे।
- राजा खत्री, इस्माइला
अगर हल्की बारिश होती है और हवा नहीं चलती है तो गेहूं की फसल को पूरा लाभ पहुंचेगा। अभी मौसम परिवर्तनशील है किसान अपनी फसल में पानी न लगाएं। पानी लगाने से हवा चली तो फसल जमीन पर गिर जाएगी। जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
- डॉ. राकेश कुमार, गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी, कृषि विभाग