रोहतक। शहर के सुखपुरा चौक पर पीजीआई का सर्जन बनकर डेंटल क्लीनिक चलाया जा रहा था। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया है। साथ पीजीआई सर्जन की तीन मोहरें बरामद की हैं। अब पुलिस आरोपी कुलदीप सैनी व अमित भाम्बी को तीन दिन के रिमांड के बाद सोमवार को अदालत में पेश करेगी।
जांच अधिकारी एएसआई निकेश ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि कुलदीप सैनी छह माह से सुखपुरा चौक के नजदीक डेंटल क्लीनिक चला रहा था। जबकि उसके पास डॉक्टर के तौर पर किसी तरह के कागजात नहीं मिले। उसके पास डॉ. कुलदीप, सर्जन पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के तौर पर बनवाई गई तीन मोहरें मिली हैं। आरोपी ने बताया कि ये मोहर एक युवक से जींद बाईपास चौक के नजदीक बनवाई थी। तीनों मोहरें जब्त कर ली हैं। साथ ही नागरिक अस्पताल के डॉक्टर सुधीर व विकास के साथ मिलकर क्लीनिक को सील कर दिया है। उसमें मौजूद उपकरण कब्जे में ले लिए हैं।
इससे पहले शहर की भिवानी चुंगी स्थित मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी के संचालक राकेश गुप्ता ने 16 मार्च को पुलिस को दी शिकायत थी कि उसके पास एक सप्ताह पहले कुलदीप सैनी व अमित भाम्बी नाम के दो युवक मेडिकल उपकरण के बहाने उनके पास आए। कुलदीप सैनी ने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ है और चंडीगढ़ में ड्यूटी है। जबकि दूसरे ने खुद को सेल्स टैक्स विभाग का अधिकारी बताया। दो दिन बाद मैसेज भेज कर कंपनी को सील करने की धमकी दी। इसके लिए मैसेज भेजे गए। अगर 15 लाख रुपये देगा तो सीलिंग नहीं होगी। इसके उसके पास ऑडियो, वीडियो व फोटो भी हैं।
फैक्टरी सील करने का दिखाया था भय :
15 मार्च को उसे अशोका चौक पर चाय की दुकान के ऊपर बातचीत करने के लिए बुलाया गया। वहां भी पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया। आखिर में तय हुआ कि फैक्टरी मालिक से 13 लाख रुपये दो दिन में लेंगे। नहीं तो फैक्टरी सील कर दी जाएगी। आरोपियों ने कहा कि पैसे तीन जगह बांटे जाएंगे। साथ ही गृहमंत्री अनिल विज की फोटो भी भेजी। परेशान होकर फैक्टरी मालिक ने पुलिस को लिखित शिकायत दे दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कुलदीप सैनी व अमित भाम्बी को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था।