रोहतक। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में कमी पर एडीसी नरेंद्र कुमार की अदालत ने सख्त कदम उठाया है। इसी कड़ी मे आइसक्रीम व देसी घी विक्रेता पर 95,000 रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही, भविष्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री बेचने पर सख्त कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं।
एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) विभाग के एफएसओ (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) डॉ. योगेश कादयान ने पिछले दिनों खाद्य सामग्री के सैंपल भरे थे। लैब की जांच रिपोर्ट में इनकी गुणवत्ता निम्न मिली। इसके चलते यह मामला एडीसी की कोर्ट में लगाया गया।
यहां एडीसी ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया है। इसमें माता दरवाजा स्थित आइसक्रीम फैक्टरी के संचालक देवीलाल पर 20,000 रुपये व लाखनमाजरा में देसी घी की गुणवत्ता निम्न मिलने के चलते विक्रेता नितिन पर 75,000 रुपये जुर्माना लगाया है।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता व शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रशासन अलर्ट है। इसी कड़ी में सैंपलिंग की जा रही है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। इसके तहत घी व आइसक्रीम की गुणवत्ता निम्न स्तर की मिलने पर संचालकों पर जुर्माना लगाया गया है। उपभोक्ता इस तरह के मामलों की शिकायत दे सकता है। इन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र कुमार, एडीसी
एफडीए की टीम ने घी, दूध, पनीर व खोआ के सैंपल भरे
रोहतक। एफडीए की टीम ने बुधवार को खाद्य सामग्री के सैंपल भरे। इसमें घी, दूध, पनीर व खोआ शामिल हैं। खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। एफएसओ डॉ. योगेश कादयान ने बताया कि टीम ने दो जगह पर सैंपलिंग की। इसके तहत शहर के बड़ा बाजार से खोआ व सुनारिया चौक से दूध, घी व पनीर के सैंपल लिए गए। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर विक्रेता पर कार्रवाई की जाएगी।