अवैध शराब के खिलाफ जिला पुलिस की सख्ती से कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत सीआईए टू ने सूचना मिलने पर गुजरात नंबर की एक ट्रैवलर बस को शराब की 54 पेटियों के साथ पकड़ा है। बस के चालक व परिचालक को गिरफ्तार कर वीरवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। खास बात यह है कि बस के फर्श के नीचे तहखाना बनाकर शराब की पेटियां भरी हुई थी। प्रभारी सीआईए-2 एसआई नरेश कुमार ने बताया कि 23 सितंबर की शाम को मुख्य सिपाही दिनेश कुमार के नेतृत्व में सीआईए-2 टीम गश्त पर मौजूद थी। गश्त के दौरान सूचना मिली कि ट्रैवलर बस में दो व्यक्ति अवैध रूप से शराब लेकर पानीपत की तरफ से आएंगे व गुजरात जाएंगे। सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीआईए-2 टीम ने आउटर बाईपास लाढ़ौत चौक पर नाकाबंदी करके वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान ट्रैवलर बस नंबर जीजे-18एवी-7000 को रोककर चेक किया गया। बस चालक की पहचान जवान सिंह निवासी गांव अदवांस जिला उदयपुर (राजस्थान) व परिचालक की पहचान भगवंत सिंह पुत्र उदयसिंह निवासी गांव वल्ली जिला उदयपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर बस से अलग-2 मार्कों की 54 पेटी शराब अंग्रेजी बरामद हुई है। आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
खुला तहखाना तो उजागर हुआ राज
पुलिस ने बस को रुकवा तो लिया लेकिन तलाशी लेने पर बस में कहीं भी शराब नजर नहीं आई। इस पर पुलिस ने एकांत में खड़ा करवाया और गहन तरीके से बस की तलाशी ली। इस दौरान बस के कई हिस्सों को पुलिस ने खुलवाया। लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। आखिर में पुलिस ने बस के फर्श के एक हिस्से को बजाया तो वहां कुछ होने का अंदेशा हुआ। इस पर औजारों से फर्श को खुलवाया। इसके बाद फर्श के उस वजनी हिस्से को उठाने में भी पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फर्श का हिस्सा उठाने के बाद जो पुलिस ने देखा, वह काफी चौंकाने वाला था। उस हिस्से का तहखाना बना कर शराब की पेटियां भरी गई थी। तहखाने से अंग्रेजी शराब की कुल 54 पेटियां बरामद हुईं।
गुजरात में शराब पहुंचाने पर चालक व परिचालक को मिलते हैं 5 से 10 हजार रुपये
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें यह बस पानीपत की एक सुनिश्चित जगह पर खड़ी मिली थी। बस में पहले से ही तहखाना बनाकर शराब भरी गई थी। बस को पानीपत से गुजरात तक ले जाने के लिए उन्हें 5 से 10 हजार रुपये मिलने थे। आरोपियों ने बताया कि गुजरात ड्राई एरिया है, ऐसे में वहां पर शराब तस्करी कर पहुंचाई जाती है।