नगर निगम में गुम दो फाइलों को तलाशने के लिए 24 अधिकारियों को लगाया गया है। इन अधिकारियों की तैनाती सीएम ऑफिस से फाइलों को लेकर पत्र जारी करके जवाब मांगने के बाद हुई है। ठेकेदार ने इस संबंध में सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई थी। अब खुद ठेकेदार को इंतजार है कि उसे कब तक फाइल के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही उसकी ओर से करवाए गए काम का भुगतान कब तक होगा।
गौरतलब है कि काठ मंडी में रहने वाले रवि राठी नगर निगम के ठेकेदार हैं। उन्होंने निगम से ठेका मिलने पर वार्ड नंबर-6 में छोटूराम स्टेडियम में शौचालय का जीर्णोद्धार और वार्ड नंबर-5 में पुलिस लाइन मैदान में पेंटिंग व अन्य कार्य कराए थे। ये दोनों काम पूरे होने पर रवि ने निगम में मैटीरियल और लेबर के बिल देने के लिए दोनों फाइलें जमा कराईं। फाइलें एक्सईएन ब्रांच से तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर को 19 मई को भेज दी गईं थीं। इसके बावजूद रवि को रुपये नहीं मिल सके, जबकि उसके पिता हरिकिशन राठी कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। रवि ने सीएम विंडो पर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर से सीएम विंडो के अलावा सीएम ऑफिस में सीधी शिकायत की गई, जिस पर संज्ञान लेते हुए वहां से निगम अधिकारियों से फाइलों के बारे में जानकारी मांगी गई। सीएम ऑफिस से पत्र जारी होने के बाद से निगम में हड़कंप मचा है। अब हालात यह है कि उन दो फाइलों को तलाशने में 24 अधिकारी लगे हुए हैं। वह किसी भी तरह से फाइलों का पता लगाना चाहते हैं, जिससे सीएम ऑफिस को जवाब भेजा जा सके। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर दलबीर सिंह फौगाट ने बताया कि उन फाइलों के बारे में जानकारी मांगी गई है और उनका निस्तारण भी कर दिया जाएगा।
2007 तक की फाइल भी पेंडिंग
ज्वाइंट कमिश्नर दलबीर सिंह फौगाट के अनुसार नगर निगम में आठ साल पहले हुए विकास कार्यों की ठेकेदारों की फाइल भी पड़ी हुई है। उस समय नगर पालिका की जगह नगर परिषद काम करती थी। उस समय काम करने वालों को भुगतान किया गया है या नहीं, यह अब कैसे देखा जाएगा। इस समय यही सबसे बड़ी समस्या है, क्योंकि उस समय के कार्यों का सत्यापन नहीं किया जा सकता है। इस कारण ही पुरानी पेंडिंग पड़ी फाइलों का निस्तारण करना निगम अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर है।