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Rohtak News: थाने के बाहर प्रदर्शन पर व्यापारी नेता को जमानत, सरकारी कार्य में बाधा डालने में फिर गिरफ्तार

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8-अदालत से बाहर निकलते ही व्यापारी नेता सतीश प्रजापति को दूसरे केस में गिरफ्तार करती पुलिस। अम
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माई सिटी रिपोर्टर

रोहतक। पुलिस व नगर निगम में भ्रष्टाचार के नाम पर आवाज उठाने पर पुलिस ने व्यापारी नेता एवं भाजपा कार्यकर्ता सतीश प्रजापति को गिरफ्तार कर वीरवार को अदालत में पेश किया। थाने के बाहर प्रदर्शन के मामले में उन्हें जमानत मिल गई।
नगर निगम में प्रदर्शन के मामले में कोर्ट से बाहर आते ही आर्य नगर थाना पुलिस ने उन्हें सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, मानहानि करने व आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। अब शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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इन लोगों से पूछताछ कर चेतावनी देकर छोड़ा
आर्य नगर थाना प्रभारी एसआई बिजेंद्र के बयान पर पुलिस ने सतीश प्रजापति सहित 13 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 56 नंबर एफआईआर में वीरवार को पुलिस ने व्यापारी नेता सतीश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों सल्लारा मोहल्ला निवासी धर्मेंद्र, राधे, मंगल, शवीस, मोनू, सोनीपत जिले के गांव मोई निवासी जयभगवान, शीतल नगर निवासी गौरव, जसबीर पार्क निवासी सुरेंद्र पांचाल, स्वामी अनुभुतानंद निवासी सेक्टर-चार व हनुमान कॉलोनी निवासी रमेश पूछताछ कर चेतावनी देकर छोड़ दिया। आरोप है कि सतीश प्रजापति ने थाने के बाहर सड़क पर एकत्रित होकर आम लोगों को भड़काने व पुलिस की छवि धूमिल करने के प्रयास का आरोप है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली। नोटिस के बावजूद पुलिस को जवाब नहीं दिया।

निगम कार्यालय में घुसकर सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत हैं कई आरोप
निगम आयुक्त कार्यालय की तरफ से आर्य नगर थाने में 55 नंबर एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि 20 मार्च को सतीश प्रजापति अपने साथियों सहित नगर निगम कार्यालय में आया। जबरन कार्यालय में घुसकर सरकारी कार्य में बाधा डाली। बिना साक्ष्य के ऊंचे स्वर में आरोप लगा शोर-शराबा किया। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। बिना अनुमति के निगम कार्यालय में लाउडस्पीकर और नारेबाजी कर अराजकता फैलाई गई। पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसे गलत तथ्यों के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया ताकि निगम की आम लोगों की नजरों में छवि खराब हो जाए। पुलिस ने आरोपी सतीश प्रजापति को सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, मानहानि करने व आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। सतीश प्रजापति ने प्राॅपर्टी आईडी में त्रुटियां ठीक करने के नाम पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
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पुलिस पीआरओ ने जारी किया वीडियो, महिलाएं बोलीं-200-200 रुपये देने की कहकर बुलाया

आर्य नगर थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गई महिलाओं व युवकों को पुलिस ने पूछताछ कर छोड़ दिया। पुलिस पीआरओ की तरफ से मीडिया को महिलाओं व युवकों का वीडियो जारी किया गया। इसमें महिलाएं कह रही हैं कि उनको 200-200 रुपये देने की कहकर प्रदर्शन करने के लिए बुलाया गया। हालांकि, आर्य नगर थाना प्रभारी बिजेंद्र का कहना है कि ये वीडियो पुलिस हिरासत का नहीं है बल्कि बाहर आने के बाद लोगों ने स्वयं बयान दिए हैं।



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सतीश ने आम लोगों की आवाज उठाई

सतीश प्रजापति सिस्टम को लेकर आवाज उठ रहे थे। उनको एक मामले में जमानत मिल गई जबकि दूसरे में पुलिस ने फिर गिरफ्तार कर लिया। न्यायपालिका पर उनको पूरा भरोसा है। लोकतंत्र में आवाज उठाना सबका हक है।
- अनिल भाटिया, प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा उद्योग-व्यापार हित मंडल

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बाजारों के प्रधानों के साथ बैठक कर उठाना चाहिए था कदम

व्यापारी नेता सतीश प्रजापति को सभी बाजारों के प्रधानों के साथ पहले बैठक करनी चाहिए थी। इसके बाद सामूहिक तौर पर निर्णय लेकर आवाज उठाई जाती। पुलिस व निगम के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत हैं तो सामने लेकर आएं।
- दीपक पुनियानी, प्रधान, किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन

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आईटी एक्ट गैर जमानती, जेल जा सकते हैं सतीश प्रजापति

व्यापारी नेता सतीश प्रजापति के खिलाफ पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। आर्य नगर थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज एफआईआर में सतीश को जमानत मिल गई जबकि नगर निगम की तरफ से दर्ज कराई एफआईआर में सरकारी ड्यूटी में बाधा डाले, मानहानि करने व छवि खराब करने के लिए वीडियो वायरल करने का आरोप है। इसमें आईटी एक्ट भी लगाया है जो गैर जमानती है। शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के बाद सतीश को न्यायिक हिरासत के चलते जेल भी भेजा जा सकता है।
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बॉक्स
मेरे वार्ड में शामिल हरि सिंह कॉलोनी निवासी मनीष गुप्ता के मकान की प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटि थी। उनके 66 गज के मकान को 196 गज दिखाया गया। इसे ठीक कराने के लिए नगर निगम में कर्मचारी चक्कर कटवा रहे थे। मैंने जब कर्मचारी से बात की तब भी त्रुटि ठीक नहीं की। प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटि ठीक करने में भ्रष्टाचार का मुद्दा सामने आया तो छह माह पहले मैंने सदन में इसे उठाया था। इसके बाद कर्मचारी का स्थानांतरण हो गया।

- प्रवीण कौशिक, वार्ड 20, नगर निगम पार्षद

8-अदालत से बाहर निकलते ही व्यापारी नेता सतीश प्रजापति को दूसरे केस में गिरफ्तार करती पुलिस। अम

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