19सीटीके04...राजकीय उच्च विद्यालय बोहर के बाथरूम में फैली गंदगी। स्रोत: संवाद
रोहतक। बोहर गांव के सरकारी स्कूल का हाल बेहाल है। यहां शौचालय तो बने हैं, लेकिन इनका दरवाजा व सीट टूटी हुई है। उनमें से बदबू दूर तक आ रही है। स्कूल में न सफाई कर्मचारी है और न चौकीदार। शिक्षक स्वयं अपनी जेब से पैसे देकर सफाई कर्मचारी को बुलाते हैं और स्कूल की सफाई करवाते हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को बोहर गांव के स्कूल का मुआयना किया। सबसे पहले टीम स्कूल इंचार्ज रेनू गोयल से मिली। उनसे बातचीत कर स्कूल की समस्याओं के बारे में बात की।
बोहर गांव के राजकीय स्कूल में 137 बच्चे हैं। स्कूल में खेल मैदान बना हुआ है। स्कूलों में खेलों की व्यवस्था सही है, लेकिन अभी गर्मी ज्यादा होने के कारण बच्चे खेल नहीं पा रहे हैं। राजकीय स्कूल में चौकीदार की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण स्कूलों में चाेरी भी होती है।
अभिभावक संघ के प्रधान यशवंत मलिक ने बताया कि स्कूलों में स्टाफ ही नहीं, मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। ज्यादातर सरकारी स्कूल खस्ताहाल हैं। स्कूलों के भवन जर्जर हैं। यहां सुधार की दरकार है।
हमने स्कूल में स्वीपर कम चौकीदार की मांग पहले ही भेज दी है। प्राचार्य को ग्राम पंचायत की मदद लेनी होगी। हमारे पास मरम्म्त के लिए फंड है।
- मंजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
19सीटीके04...राजकीय उच्च विद्यालय बोहर के बाथरूम में फैली गंदगी। स्रोत: संवाद