रोहतक। लॉकडाउन के चौथे सप्ताह में नियमों के दायरे में सोमवार को बाजार सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक खोले गए। इस दौरान दुकानदार व ग्राहक हड़बड़ी में दिखाई दिए। वहीं, बाजारों में काफी भीड़ भी रही। इसके चलते सड़क पर जाम लगा रहा। इसे व्यवस्थित करने में पुलिस लगी रही। नगर निगम ने किला रोड, रेलवे रोड, शौरी मार्केट, दिल्ली रोड, प्रताप चौक, चमेली मार्केट, गोहाना अड्डा व आसपास के बाजारों में दुकानों पर सम-विषम (1 व 2) नंबर अंकित कराए हैं। मंगलवार को विषम संख्या की दुकानें खुलेंगी, लेकिन गांधी कैंप, झज्जर रोड, हिसार रोड व शिवाजी कॉलोनी सहित बाहरी क्षेत्रों के बाजारों की दुकानों पर अभी नंबर अंकित नहीं हुए हैं।
दुकानों पर संख्या लिखने से एसोसिएशन ने किया इनकार
सोमवार सुबह 6 बजे ही कुछ दुकानदार दुकान खोलने पहुंच गए थे। बाजार में 7 बजे तक दुकानें सज गई थीं, लेकिन 9 बजे तक ग्राहक दिखाई नहीं दिए। सम-विषम की जानकारी नहीं होने पर ज्यादातर दुकानदारों ने एक साथ ही दुकानें खोल रखीं थीं। साढ़े 9 बजे निगम की पांच टीम अलग-अलग बाजारों में पहुंचीं। इस दौरान संबंधित थाना प्रभारी भी टीम के साथ रहे। गणना करके दुकानदारों को समझाया और एसोसिएशन को नंबर लिखने के लिए कहा, लेकिन एसोसिएशन ने इसे करने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में निगम ने अलग-अलग बाजारों में टीम भेजकर दुकानों पर सम-विषम (1 व 2) नंबर लिखवाया। संबंधित थाना प्रभारी पैबही अपने क्षेत्र के बाजारों में निकले और दुकानदारों को समझाया कि वे सम-विषम संख्या के आधार पर ही अपनी दुकानें खोलें। पहले दिन किसी भी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस और निगम की टीमों ने आग्रह कर बंद करवाईं दुकानें
बाजार के अंदर लॉकडाउन के आखिरी डेढ़ घंटे के अंदर गोहाना अड्डा, झज्जर रोड, कच्चा बेरी रोड मोड़ व सुखपुरा चौक पर जाम लग गया। जरूरी सामान खरीदने के लिए तीन सप्ताह से लोग बाजार खुलने का इंतजार कर रहे थे। साथ ही दुकानदार भी बाजार खुलने का कम समय होने के कारण बेचैन नजर आए। कारोबारी व ग्राहक सामान को लेकर ज्यादा समय मोलभाव नहीं कर सका। साढ़े 12 बजे तक बाजारों में दुकानें बंद हो सकीं। पुलिस व निगम की टीम को आग्रह करके दुकानें बंद करवानी पड़ीं।
भीड़ के चलते गाइडलाइन का नहीं हो सका पालन
डीसी की तरफ से बाजारों में गाइडलाइन का पालन कराने की हिदायत दी गई थी, लेकिन भीड़ के बीच नियम ताक पर नजर आए। दुकानों के अंदर व्यापारियों के पास सैनिटाइजेशन का समय ही नहीं था। साथ ही ग्राहक सामान खरीदने की जल्दबाजी में दिखे। बाजारों के अंदर सड़क किनारे व बीचोंबीच वाहन खड़े कर दिए गए थे। इससे भी आने जाने वालों को परेशानी हुई। पुलिस को जाम से निपटने में काफी मेहनत करनी पड़ी।
.............................
सोमवार को बाजार खुलने के पहले दिन व्यवस्था बनाने में समय लग गया। ज्यादातर बाजारों में दुकानों पर 1 व 2 नंबर अंकित करवा दिए गए हैं। मंगलवार को वे दुकानें खुलेंगी, जिन पर 1 नंबर अंकित है। अगर किसी दुकानदार ने नियम तोड़ा तो मंगलवार से निगम की टीमें कार्रवाई करेंगी। साथ ही बाजारों में पुलिस के साथ मिलकर गश्त की जाएगी, जहां तक बाजार के समय का सवाल है, यह मुख्यालय की तरफ से तय किया गया है।
- सुरेंद्र गोयल, एलओ, नगर निगम
...........
व्यापारी बोले-सबसे अच्छा होता कि पूर्ण लॉकडाउन ही लग जाता
बाजार सुबह सात बजे की जगह 9 या 10 से दोपहर 2 बजे तक खोले जाएं। इससे न केवल बाजारों में भीड़ कम होगी, बल्कि लॉकडाउन भी कामयाब रहेगा। सबसे अच्छा होता कि पूर्ण लॉकडाउन ही लग जाता।
-सन्नी, व्यापारी, रेलवे रोड
--------
सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक बाजार के समय का किसी को फायदा नहीं हुआ है। उल्टा भीड़ बढ़ने से कोरोना संक्रमण बढ़ेगा। मंगलवार से ही सरकार बाजारों का समय 10 से 2 बजे तक करे।
-महावीर प्रसाद, व्यापारी, शौरी मार्केट
--------
सुबह सात बजे ग्राहक कैसे आएगा। गांव व दूसरे शहरों से भी ग्राहक बाजार में आते हैं। इतना ही नहीं, सुबह दुकान खोलना भी संभव नहीं है। सरकार अगर व्यापारियों का हित चाहती है तो जल्द समय में बदलाव करे।
-विजय कुमार, व्यापारी, शौरी मार्केट
.......
दोपहर 12 बजे तक बाजार खुलने का पहले दिन कोई फायदा नहीं हुआ। चंद ग्राहक ही दुकान पर आए और वे भी हड़बड़ी में दिखे। दुकानदार व ग्राहक के बीच इतना समय नहीं था कि आराम से खरीद-फरोख्त कर सकें।
-मोहनलाल गुप्ता, दुकानदार, शौरी मार्केट