रोहतक। आपको मछली पकड़ने का शौक है, तो तिलियार झील आएं। यहां आप अपना शौक 500 रुपये में पूरा कर सकते हैं। पर्यटकों को लुभाने के लिए तिलियार पर्यटन केंद्र पर यह विशेष सुविधा दी गई है। यही नहीं, पर्यटकों के लिए यहां सेंटोसा की तर्ज लाइट एंड साउंड शो, नौकाविहार, झूले व पिकनिक स्पॉट हराभरा लॉन भी है। ये सभी तिलियार झील को एक पर्यटन केंद्र का रूप दे रहे हैं। इसके अलावा केंद्र के साथ ही लघु चिड़ियाघर भी पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां शेर, बाघ, मगरमच्छ, भालू, तेंदुआ, शुतुरमुर्ग समेत अनेक वन्य प्राणी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विभाग इसे और बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है।
तिलियार केंद्र पर हर साल 2.50 लाख लोग सैर सपाटे के लिए आते हैं। इन लोगों के लिए पूरी सुविधा दी गई है। यहां नौकायन, झूला, पार्टी के लिए शानदार लॉन है। रोहतक के अलावा अन्य जिलों और दिल्ली एनसीआर के पास से भी लोग आ रहे हैं। यह पिकनिक स्पॉट के रूप में उभरा है। यहां लॉन में पार्टी करने वाले परिवारों और संस्थाएं से विभाग कुछ शुल्क जमा कराकर उन्हें खाना बनाने और उसे गर्म करने की सुविधा देता है। बस और ट्रेवलर के लिए अलग-अलग शुल्क है। रविवार और अन्य छुट्टी वाले दिनों को यहां काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यहां अक्सर तीन से चार हजार लोग आते हैं।
बस और ट्रेवलर के लिए अलग-अलग शुल्क
यहां दिल्ली एनसीआर से सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं। एक बस का शुल्क 3500 और ट्रेवलर का 1500 से 2500 शुल्क अदा करने पर यहां लॉन में खान बनाने और गर्म की सुविधा दी जाती है। यह पर्यटन केंद्र बंगालियों बहुत भाता है। वह काफी संख्या में घूमने आते हैं।
वर्जन
लघु चिड़ियाघर का लगातार विस्तार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों को लुभाने के लिए और नए जीव पशु-पक्षी लाए जाएंगे। वन्य जीवों को देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
-राजीव गर्ग, मंडलीय वन्य प्राणी विभाग अधिकारी
तिलियार झील नौकायन, साउंड एंड लाइट, झूले, लॉन, रेस्तरां आदि सुविधाएं एक जगह मिलती है। यहीं कारण है कि यहां दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। प्रदेश के जिलों के अलावा एनसीआर से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। यहां पिकनिक करते हैं। यह पर्यटकों का हॉट स्पॉट बना हुआ है।
-नरेंद्र राणा, प्रबंधक, तिलियार पर्यटन केंद्र।