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Rohtak News: बाघ पिंजरे में...ढाई माह की दहशत का अंत

Mon, 11 Nov 2024 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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रेवाड़ी। झाबुआ में पकड़ा गया बाघ। स्रोत: डीपीआरओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बावल (रेवाड़ी)। सरिस्का के जंगल से भटक कर गांव झाबुआ के जंगल में ढाई माह पहले आए बाघ की दहशत रविवार को खत्म हो गई। वन विभाग की टीम ने रविवार की शाम साढ़े 6 बजे बाघ को पकड़ लिया। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
वन विभाग की टीम का रेस्क्यू अभियान रविवार को सुबह से ही चलता रहा। बाघ को पकड़ने के लिए रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान के सवाई माधोपुर) की टीम बावल आई थी। बाघ को पकड़ने के लिए टीम ने ट्रैंकुलाइजर गन का प्रयोग किया। बाघ जब बेहोश हुआ तो टीम ने बाघ को पिंजरे में डालकर अपने साथ ले गई। बाघ करीब 3 साल का है। बाघ के पकड़े जाने से करीब एक दर्जन गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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ग्रामीणों ने पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री नरवीर सिंह से मुलाकात की थी और बाघ को पकड़वाने की मांग की थी। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायत की और डीसी से मिलकर बाघ को पकड़वाने की मांग की थी। चौतरफा दबाव के बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई। कुछ दिनों पहले ही बावल के एसडीएम ने भी दौरा किया था। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही बाघ को पकड़ा जाएगा। झाबुआ के जंगल में ढाई महीने से बाघ की मौजूदगी के कारण झाबुआ समेत आसपास के दर्जन भर गांवों के लोगों में दहशत थी। अब बाघ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों में खुशी छा गई है।

अब आसानी से फसल की बिजाई कर सकेंगे किसान

बाघ को पकड़ने के लिए ग्रामीण कई बार पंचायतें कर चुके थे। बाघ के डर के कारण आसपास के गांवों में गेहूं और सरसों की बिजाई प्रभावित हो रही थी। अब किसान आसानी से अपनी फसल की बिजाई भी कर सकेंगे। बाघ के जंगल में होने की वजह से किसान बिजाई नहीं कर पा रहे थे। हमेशा डर बना रहता था कहीं बाघ हमला ना कर दे। घर से निकलना मुश्किल हो गया था। बच्चे स्कूल जाने से डरते थे, शाम के समय गांव से कोई बाहर नहीं निकलता था।

सरिस्का के जंगल से निकल कर 10 महीने पहले भी आया था बाघ

10 महीने पहले भी बाघ सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक चला आया था। उस समय हरियाणा बॉर्डर के आस-पास के गांवों में वनकर्मियों पर हमला कर दिया था। बाघ ने एक वनकर्मी को दबोच लिया था, लेकिन वह बच गया था। वहीं, फॉरेस्टर बेहोश हो गया था। उससे पहले कोटकासिम के पास बाघ ने एक किसान पर हमला किया था। इस बार खैरथल-तिजारा जिले में 6 घंटे में 4 लोगों पर बाघ ने हमला किया था। बावल में बाघ ने किसी पर हमला नहीं किया था। वह केवल जंगल में ही रहा।
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वर्जन:

गांव झाबुआ के जंगल में बाघ करीब शाम साढ़े 6 बजे रविवार को पकड़ा गया है। राजस्थान से आई टीम बाघ को अपने साथ ले गई है। अब ग्रामीणों को किसी भी प्रकार से डरने की जरूरत है।-प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल।
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