रोडवेज के एक कंडक्टर ने रोहतक डिपो प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया कि उसका चार दिन में तीन बार और 30 दिन में छह बार स्थानांतरण किया जा चुका है। अधिकारी ये भी बताने के लिए तैयार नहीं कि आखिर किस वजह से लगातार स्थानांतरण किया जा रहा है।
रोहतक डिपो के कंडक्टर जगवीर सिंह ने बताया कि उसका किसी के इशारे पर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे लगातार स्थानांतरण किया जा रहा है। अफसोस तो यह है कि पूछने के बाद भी अधिकारी लगातार स्थानांतरण की वजह नहीं बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले मार्ग से बस स्टैंड पर ड्यूटी लगाई। इसके बाद स्टैंड से चेकिंग टीम में भेज दिया। चेकिंग टीम से जींद काउंटर पर एडवांस बुकिंग में लगाया। दो दिन के बाद स्टैंड इंचार्ज सोनीपत के पद पर स्थानांतरित कर दिया। एक दिन के बाद वापस रोहतक बुलाकर रूट पर भेजा दिया। सप्ताह भर बाद मार्ग से एडवांस बुकिंग काउंटर पर लगा दिया। फिर चार दिन बाद मार्ग पर भेज दिया।
वहीं, कार्यवाहक ट्रैफिक मैनेजर जयबीर हुड्डा ने बताया कि यह कर्मी काफी सीनियर है, मगर जहां ड्यूटी पर लगाया जाता है, वहीं से शिकायत आने लगती है। इसी वजह से उनका स्थानांतरण किया जा रहा है।