रोहतक। साइबर थाना पुलिस ने रविवार को मध्य प्रदेश से तीन जालसाज को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने रोहतक के सुभाष नगर निवासी खैराती लाल से भतीजा बनकर डेढ़ लाख रुपये ठगे थे। पीड़ित की शिकायत पर जांच की तो पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।
साइबर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि खैराती लाल के पास साइबर जालसाज ने 26 मई को उनका भतीजा मयंक बनकर कॉल की। आरोपी ने कहा कि वह उनके खाते में 6 लाख रुपये भेज रहा है। जब वापस आएगा तो उनसे ले लेगा।
कुछ देर बाद एक अन्य जालसाज बैंककर्मी बनकर खैराती लाल के पास फोन करता है। उनसे कहता है कि आपके खाते में 6 लाख की विदेशी मुद्रा आई है। उसे डालर से रुपये में बदलने में 24 घंटे लगेंगे। इस पर खैराती लाल को विश्वास हो जाता है कि उनके भतीजे ने खाते में रुपये डाल दिए हैं। करीब आधा घंटा बाद फिर जालसाज मयंक बनकर कॉल करता है और डेढ़ लाख रुपये किसी मित्र को देने की गुजारिश करता है।
तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
आरोपी कहता है कि उसने जो रुपये भेजे है, उनमें से अपने रुपये रख लें। खैराती लाल जालसाज की बातों में आ जाते हैं और डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। बाद में पता चला कि भतीजा नहीं, वह तो जालसाज था। साइबर थाने में केस दर्ज कराया तो रुपये पुलिस ने मध्यप्रदेश के सिद्धि जिले से तीन आरोपियों को काबू किया है। पूछताछ करने के बाद तीनों को अदालत में पेश किया और उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
विदेशी रिश्तेदार बनकर 20 से अधिक लोगों के साथ वारदात
ठगों ने विदेशी रिश्तेदार बनकर 20 से अधिक लोगों के साथ वारदात की है। इनमें रोहतक के खैराती लाल समेत 10 पीड़ित अभी तक सामने आ चुके हैं। आरोपियों से 56 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 15 चेकबुक, 16 पासबुक, 6 मोबाइल फोन और 15 से अधिक सिमकार्ड बरामद किए गए हैं।
विदेश से रिश्तेदार बताकर कॉल आए तो रहें सर्तक
पुलिस ने गाइडलाइन जारी करके कई बार लोगाें को सचेत किया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आपके पास कोई व्यक्ति रिश्तेदार या मित्र बनकर कॉल करे तो जरा सावधान हो जाएं। इन दिनों विदेश से रिश्तेदार या मित्र बनकर कॉल करके ठगी अधिक हो रही है। एक माह में 6 से अधिक वारदात हो चुकी हैं। पहले संबंधित रिश्तेदार या मित्र से पहले नंबर पर कॉल करें और संभव हो तो उनके घर पर बात करके ही रुपये ट्रांसफर करें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है।