रोहतक। तमाम कोशिश के बाद भी प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली में सुधार नहीं होने पर नगर निगम आयुक्त ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स विभाग में दो जेडटीओ (जोनल टैक्स ऑफिसर) होंगे। दोनों को 11-11 वार्डों की जिम्मेदारी दी गई है।
नगर निगम की आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स है, जो 1.87 लाख प्रॉपर्टी से वसूला जाता है। चालू वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा गया है, जो अभी तक करीब नौ करोड़ पहुंचा है। कम प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की अहम वजह लॉकडाउन बताया जा रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटने का काम एजेंसी के माध्यम से काफी धीमा हो गया। इसके अलावा लोगों ने भी टैक्स जमा करने के प्रति कोई रुचि नहीं दिखाई। लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद शासन के आदेश पर निगम ने 10 व 25 फीसदी की छूटी दी, मगर इसका भी खास लाभ नहीं मिला। अब निगम प्रशासन प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए सभी नीतियां अपना रहा है, ताकि निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
बुधवार को निगम आयुक्त ने प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया वसूली पर जोर देते हुए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके तहत फैसला लिया गया कि अब प्रॉपर्टी टैक्स विभाग में एक नहीं बल्कि दो जोनल ऑफिसर होंगे। दोनों पर निगम के 11-11 वार्डों की जिम्मेदारी होगी। ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार ने बताया कि वार्ड एक से 11 तक के जोनल अधिकारी जगदीश शर्मा होंगे जबकि 12 से 22 तक के जोनल अधिकारी एकाउंट ऑफिसर अंकित गुलिया होंगे।