रोहतक। आईएमटी में काम करने वाले 10 हजार श्रमिक-कर्मचारियों में 6 हजार के लिए रोडवेज बस की सुविधा नहीं है। अधिकतर उद्योग श्रमिकों पर ही निर्भर हैं। आईएमटी शहर से दूर होने और बस सुविधा न होने से उद्योगों के संचालन में परेशानी आ रही है। उद्यमी कहते हैं कि सार्वजनिक परिवहन की सुविधा न होने से यहां आने से श्रमिक व कर्मचारी आने से कतरा रहे हैं।
उद्यमियों का कहना है कि जिस कार्य के लिए पैसे निवेश किए हैं, अब उसी के लिए आवश्यक सुविधाएं न मिले तो उद्योग का संचालन करना कठिन होगा। आईएमटी के उद्यमियों को मूल सुविधाओं की कमी खल रही है। उद्यमियों का कहना है कि श्रमिक व कर्मचारी आईएमटी में अवसर मिलने के बाद भी काम करना पसंद नहीं कर रहे हैं। महिला कर्मचारियों की भी उद्योगों को जरूरत है, क्योंकि वह कार्यालय में व्यवस्थाओं और दस्तावेजों को अच्छे से संभाल पाती हैं।
बसों की सुविधा न होने के चलते महिला कर्मी आईएमटी छोड़ हिसार रोड स्थित आईडीसी उद्योगों कर रही हैं। वहीं, बसों के संचालन को लेकर रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि आईएमटी में बलियाणा तक रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है।
वर्जन
सुबह 8 व दोपहर 2 बजे बसों का संचालन किया जा रहा है। श्रमिकों व कामगारों की जरूरत के अनुसार बसों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
- कुलदीप, मुख्य निरीक्षक, रोडवेज।
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उद्योगों में काम करने वालों के लिए सुबह 8 से 10 और शाम 5 से 7 बजे बसों के संचालन की आवश्यकता है। जिला प्रशासक के साथ पिछली मासिक बैठक में यह मुद्दा रखा गया है।
- संदीप नांदल, सचिव, आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन, रोहतक
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आईएमटी में जाने के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है। दिल्ली बाईपास से आईएमटी चौक तक ऑटो पकड़ता हूं, फिर आईएमटी चौक से 3 किलोमीटर पैदल चलकर काम पर जाता हूं।
- साहिल रोहिला, जनता कॉलोनी।
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श्रमिकों को शुरुआती दौर में परेशानियां हुई हैं। फिर श्रमिकों ने किराये पर मकान ले लिया लेकिन अब नए श्रमिक काम करने के लिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि बस की सीधी सुविधा नहीं है।
- पवन विरमानी, उद्यमी।
02 साहिल रोहिला, जनता कॉलोनी।
02 साहिल रोहिला, जनता कॉलोनी।