महेंद्रगढ़। गांव बवानिया के 33 केवी पावर हाउस से जुड़े 11 गांवों को नियमित रूप से बिजली आपूर्ति नहीं होने से 50 हजार की आबादी व किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
क्षेत्र के लोग भी पांच सालों से बिजली समस्या का स्थायी समाधान की मांग उठा रहे हैं। पावर हाउस से जुड़े 11 गांव के किसानों को दिन में महज पांच से छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। घरेलू आपूर्ति में भी बार-बार लगने वाले अघोषित कटों की समस्या से लोग परेशान हैं। समाधान के लिए तीन तालाबंदी व चार बार धरना-प्रदर्शन भी हो चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
गांव सुरजनवास निवासी किसान लाल सिंह ने बताया कि लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या से मोटर खराब हो जा रही हैं। पावर हाउस से जुड़े गांव बवानिया, गागड़वास, बचीनी, चितलांग, हरनाथ की नांगल, खेड़ा, सुरजनवास, मेघनवास, बुचौली, डुलाना, देवास, रसूलपुर, कोका, सुंदरह, झगड़ोली, ऊंची भांडोर के ग्रामीणों व किसानों को बिजली मिलती है। पावर हाउस से बिजली की सप्लाई कनीना 132केवी से होती है। कनीना 132केवी से बवानिया पावर हाउस को 35 हजार वोल्टेज मिलनी चाहिए, लेकिन बवानिया को मात्र 27 से 28 हजार वोल्टेज मिल रही है।
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पांच कृषि पावर हाउसों में होती है बिजली आपूर्ति
किसान ताराचंद ने बताया कि पावर हाउस से कृषि के लिए पांच एपी फीडरों पर बिजली दी जाती है। इनमें गांव देवास, सुरजनवास, बवानिया, हरनाथ की नांगल, बचीनी में एपी हैं। घरेलू आपूर्ति के लिए पहला फीडर मेघनवास के अतंर्गत सात गांव पड़ते है। इनको बिजली सप्लाई होती है। दूसरा फिटर गागडवास के अंतर्गत चार गांव आते है। बवानिया 33 केवी पावर हाउस में बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की ओर से पिछले पांच सालों में चार बार तालाबंदी व चार बार धरना प्रदर्शन किया जा चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन दिया जा चुका है। लेकिन आज तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। बवानिया 33 केवी पावर हाउस 2001 में बना था। 24 साल में 11 गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी है। इन गांव में 1100 ट्यूबवेल कनेक्शन व घरों में लगभग 10 हजार से भी अधिक बिजली कनेक्शन है।
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गांव देवास में पावर हाउस बनाकर तैयार कर दिया गया है। इसकी लाइन खींची जा रही हैं। कुछ गांवों को पावर हाउस में जोड़ दिया जाएगा। तीन माह के समय में देवास पावर हाउस शुरू होने के बाद बवानियां पावर हाउस पर लोड कम होने से इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
- सुशील कुमार, कनिष्ट अभियंता, बिजली वितरण निगम