रोहतक। नौकरी पेशा के साथ चिकित्सा व शिक्षा की सुविधाओं को विस्तार देने के लिए बजट बढ़ाने की जरूरत है। लोगों को आगामी बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। ग्रामीण स्तर पर भी विशेष रणनीति तैयार करना अनिवार्य है। चिकित्सा सेवाओं में आधुनिकीकरण करने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को तकनीकी ज्ञान देना समय की मांग है। इससे विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत किया जा सकेगा। सरकार को नई योजनाओं को बनाने के लिए बजट बढ़ाने के साथ धरातल पर लागू करने पर भी फोकस करना चाहिए।
स्वास्थ्य बड़ा मुद्दा है। सरकार को निरंतर विकास के लिए ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की आसानी से पहुंच हो। स्वस्थ समाज ही प्रगति कर सकता है।
- डॉ. सुरेंद्र मलिक, एमएमओ, नागरिक अस्पताल
फिलहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिकतर उपकरण विदेश से मंगाने पड़ते हैं। इन पर जीएसटी व आयात ड्यूटी लगती है। अगर सरकार इनको थोड़ा कम करे तो देश में गुणवत्तापूर्ण उपकरण आएंगे। इससे अस्पतालों में मरीजों को भी लाभ मिलेगा।
- डॉ. अर्जुन नरुला, आईएमए।
स्वस्थ्य सेवाओं के बजट में उचित बढ़ोतरी होनी चाहिए ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जा सके। छोटे व मध्य लेवल के निजी चिकित्सा केंद्रों को सुविधाएं मिलनी चाहिए। इससे गरीब परिवार कम खर्च पर निजी चिकित्सकों से इलाज ले सकेंगे। आयुष्मान योजना का बजट बढ़ाना चाहिए।
- डॉ. आरके चौधरी, वरिष्ठ सर्जन व संरक्षक, आईएमए।
सीवर, सफाई, सड़क व पेयजल को लेकर सरकार की त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। इन मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए। बजट बढ़ने से इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा और प्रदेश तरक्की करेगा। अनेक जन समस्याओं का भी समाधान हो जाएगा।
- कृष्ण कुमार, पूर्व प्रधान डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन हरियाणा।
सरकार को अगर सही मायनों में प्रदेश का विकास करना है तो शिक्षा का बजट बढ़ाना चाहिए। समाज में शिक्षा का स्थान प्रथम होना चाहिए। स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित तमाम मूलभूत सुविधाएं देनी चाहिए। सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ने से यहां छात्र संख्या में भी वृद्धि होगी।
- राजीव दलाल, जिला प्रधान, हसला, रोहतक।
किसी भी देश व प्रदेश की तरक्की का रास्ता शिक्षा से ही खुलता है। ऐसे में सरकार को शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ानी चाहिए। इनका बजट बढ़ाए जाने से तमाम समस्याओं का समाधान हो जाएगा। वर्षों बाद भी हमारी शिक्षा का स्तर वहां नहीं पहुंचा है, जहां होना चाहिए।
- महादेव शास्त्री, प्रिंसिपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलोई।
52...डॉ.आरके चौधरी, वरिष्ठ सर्जन व संरक्षक, आईएमए- फोटो : अमर उजाला
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52...डॉ.आरके चौधरी, वरिष्ठ सर्जन व संरक्षक, आईएमए- फोटो : अमर उजाला
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