हरियाणा के जिला रोहतक की सोहना पुलिस की हिरासत में संदिग्ध हालात में हुई युवक की मौत के मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इंकार कर दिया।
शव का पोस्टमार्टम पीजीआई के डॉक्टरों के एक पैनल ने किया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। शव का विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा गया है।
मंगलवार सुबह सोहना अपराध जांच शाखा पुलिस गांव लिखी (पलवल) निवासी सुखबीर का शव लेकर पीजीआई पहुंची। इसके साथ ही युवक के परिजन भी पीजीआई पहुंच गए।
जिला पुलिस ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया था। दोपहर बाद तीन डॉक्टरों के एक पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इंकार कर दिया।
परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वे शव नहीं लेंगे। पुलिस के आला अधिकारियों ने परिजनों को मनाने का काफी प्रयास किया, परंतु वे अपनी मांग पर डटे रहे।
जिला पुलिस ने सोहना पुलिस को इस बारे में अवगत करा दिया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने सुखबीर की हत्या की है। अब अधिकारी आरोपियों को बचाने में लगे हैं।
गौरतलब है कि गांव लिखी निवासी सुखबीर को सोहना अपराध जांच शाखा ने चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए दो दिन पहले हिरासत में लिया था। इसी दौरान सुखबीर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।