रोहतक। शहर से मंगलवार से कचरा नहीं उठ पाएगा, क्योंकि कचरा उठाने वाली एजेंसी का टेंडर सोमवार को खत्म हो गया। अब शहरवासी निगम के भरोसे हैं, जिसके पास कचरा उठाने के संसाधन नहीं हैं। इतना ही नहीं, नगर निगम कर्मचारियों के प्रधान ने भी कचरा उठाने से इन्कार कर दिया है, जबकि निगम प्रशासन का दावा है कि शहरवासियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि निगम के अधिकारियों ने अब तक कचरा उठाने वाली एजेंसी से चार दिन के लिए सहयोग मांगा है।
शहर से रोज 155 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसे घर-घर से एकत्रित करने से लेकर उठान तक का कार्य निगम ने निजी एजेंसी को दे रखा था। इसके लिए शहर को दो जोन में बांटा हुआ था, जहां अलग-अलग एजेंसी काम कर रही थीं। दोनों एजेंसी का कार्यकाल 30 जून को खत्म हो गया।
निगम की तरफ से टेंडर खत्म होने से पहले सफाई के लिए दो टेंडर किए। एक टेंडर ढाई करोड़ रुपये का तीन माह के लिए, जबकि दूसरा 88 करोड़ रुपये का पांच साल के लिए किया गया। तीन माह के टेंडर में एक भी आवेदन नहीं आया, जबकि पांच साल के लिए टेंडर में एक आवेदन आया। नियमों के तहत दोनों टेंडर रद्द हो गए। निगम निजी एजेंसी का टेंडर खत्म होने से पहले दूसरी एजेंसी या उसी एजेंसी को नए सिरे से टेंडर नहीं दे सका।
पांच जोन में बांटा शहर, 4 जुलाई को खुलेगा टेंडर
अब नगर निगम की तरफ से तीन माह के लिए ढाई करोड़ का टेंडर किया गया है, जो 4 जुलाई को खोला जाएगा। फिलहाल शहर को सफाई के लिए दो जोन में बांटा हुआ था, लेकिन अब पांच जोन में बांटा गया है। अब नई एजेंसी के आने तक शहरवासियों का कचरा उठान को लेकर परेशान होना तय है।
कचरा उठाने के संसाधन स्टोर में जमा, 225 कर्मचारी आए सड़क पर
एक कर्मचारी ने बताया कि सोमवार को 11 बजे कर्मचारियों को संदेश आया कि निजी एजेंसी का कार्यकाल आज पूरा हो गया है। कल से ड्यूटी नहीं आएं। रेहड़ी, ट्रैक्टर-ट्राॅली व टिपर स्टोर में शाम 5 बजे तक जमा करवा दें। सभी कर्मचारियों ने स्टोर में संसाधन जमा करवा दिए हैं। अब 225 कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। इससे पहले गलियों में सफाई का टेंडर खत्म होने से तीन साल पहले 300 के कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे। अब कर्मचारी मंगलवार को निगम आयुक्त से मिलेंगे।
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शहरवासियों को नहीं होने देंगे परेशान, निगम कर रहा व्यवस्था
नगर निगम की ओर से तीन माह का कम अवधि टेंडर लगाया है, जो 4 जुलाई को खोला जाएगा। तब तक निगम की ओर से व्यवस्था की जाएगी व आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
- डाॅ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम
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निगम कर्मचारी नहीं उठाएंगे कचरा
निगम में 300 के करीब पक्के व इतने ही अनुबंध पर कार्यरत सफाई कर्मचारी हैं। निगम कर्मी पहले से सफाई कार्य में लगे हैं। निगम के अधिकारियों ने उनसे कचरा उठाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया है। क्योंकि, पहले से निगम के कर्मचारियों पर काम का दबाव है। वे ट्रैक्टर या कचरा उठाने वाली गाड़ी नहीं चलाएंगे।
- शंभू, प्रधान, नगर निगम कर्मचारी संघ
दिल्ली रोड पर खुले में पड़ा कूड़ा व वहां से गुजरते वाहन। संवाद