रोहतक। सर्दी के मौसम में रोहतक की रेवड़ी-गजक की मिठास केवल यहीं तक सीमित नहीं रहती बल्कि विदेशों तक जाती है। रोहतक की रेवड़ी-गजक की विदेशों में रहने वाले यहां के लोगों में खासी मांग बनी रहती है। इसके चलते वहां बड़ी मात्रा में इनको भेजा जाता है।
अमेरिका, कनाड़ा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में रहने वाले यहां के लोग रेवड़ी-गजक ले जाना नहीं भूलते हैं। दिसंबर से फरवरी तक इनकी मांग बहुत ज्यादा होती है। दुर्गा कॉलोनी ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान वीरेंद्र राठी व बड़ा बाजार के व्यापारी कृष्ण सैनी का कहना है कि सर्दी में रोहतक में रेवड़ी-गजक का 20 से 30 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है।
रोहतक में रेवड़ी-गजक की छोटी-बड़ी 150 से अधिक दुकानें हैं, जहां पर ये बनाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि तिल, गुड़ के अलावा मावा, बादाम, पिस्ता आदि से बनी रेवड़ी-गजक की सर्दी के मौसम में अधिक मांग रहती है। इनमें भी रेवड़ी, समोसा, गुड़ पट्टी, रोल, शालीमार, खस्ता, मूंगफली, बादाम, पिस्ता, काजू आदि अलग-अलग किस्मों की गजक होती है।
शहर में सबसे ज्यादा बड़ा बाजार में रेवड़ी-गजक की दुकानें हैं। इसके अलावा दुर्गा कॉलोनी, रेलवे रोड, बाबरा मोहल्ला, सुखपुरा चौक, शीला बाईपास, झज्जर रोड टी पॉइंट, गांधी कैंप व शिवाजी कॉलोनी में भी इनकी खूब बिक्री होती है।