10-सुपवा में महोत्सव के तीसरे दिन दूसरे सत्र में प्रस्तुति देता सुपवा के छात्रों का बैंड। स्रोत
रोहतक। दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) में आयोजित सारंग व भारत रंग महोत्सव (भारंगम) का बुधवार का दिन सुर, शब्द, लय, ताल व कविताओं के नाम रहा। सारंग महोत्सव में विश्वविद्यालय के पूर्व व वर्तमान छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वाहवाही बटोरी।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ओर से एफटीवी डिपार्टमेंट के ओपन स्टेज पर कार्यक्रम की शुरुआत राग व तबले की थाप के साथ हुई। छात्र अभय सिंह राजपूत ने अलग-अलग रागों पर प्रस्तुति दी। इसमें अनूप व शिवम ने संगत की। इसके बाद गजल व म्यूजिक बैंड की प्रस्तुतियों पर श्रोता झूम उठे।
डिजाइन विभाग की छात्रा अनुष्का ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति से मन मोहा। जींद के कवि अंकित ने पैगाम-ए-मोहब्बत कविता को संगीतमय अंदाज में प्रस्तुत कर प्रेम का संदेश दिया। पूर्व छात्र एवं हरियाणवी गायक मासूम शर्मा के गीतों ने माहौल को जीवंत बनाया।
शाम के सत्र में भारंगम के तहत नाटक उमर का परवाना का मंचन हुआ। कार्यक्रम में डॉ. जगवीर राठी, नरेंद्र शर्मा, विक्रांत वीर, अभिनेता पंकज बैरी, सुमित्रा हुड्डा, सुनील चितकारा, डीजीपी जेल आलोक मित्तल
और प्रो. रामपाल सैनी सहित अतिथि मौजूद रहे।
कुलपति डॉ. अमित आर्य ने संस्थान को शीर्ष पर ले जाने के लिए तैयार रोडमैप की जानकारी दी। साथ ही फैशन फोटोग्राफी वर्कशॉप के तहत तैयार तस्वीरों की प्रदर्शनी के अलावा हस्तनिर्मित उत्पादों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे।
पैगाम-ए-मोहब्बत से बांट रहे प्रेम का संदेश
जींद के युवा कवि अंकित ने बताया कि उनका बैंड पैगाम-ए-मोहब्बत दरख्त जिसका मतलब पेड़ के नाम से जाना जाता है और वह इसके फाउंडर हैं। करीब 12 सदस्यों के इस समूह में संगीत और कविता को स्क्रिप्ट के रूप में तैयार कर मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। बैंड की थीम मोहब्बत को फैलाने और समाज में प्रेम के लिए जगह बनाने की है। अंकित पिछले सात वर्षों से कविता लिख रहे हैं और अपनी लिखी रचनाओं का मंचन करते हैं। उनका कहना है कि आज के दौर में ठहराव खत्म होता जा रहा है जबकि कविताएं व कहानियां ही जीवन में ठहराव लेकर आती हैं। नफरत है तो मोहब्बत करें-यही एक कलाकार की पहचान है।
10-सुपवा में महोत्सव के तीसरे दिन दूसरे सत्र में प्रस्तुति देता सुपवा के छात्रों का बैंड। स्रोत