संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सरकार ने प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के हित में अहम कदम उठाते हुए भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। इस पहल से मधुमक्खी पालकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं हनी मिशन जैसी योजनाओं के चलते देश वर्तमान में बड़ा शहद उत्पादक देश बन रहा है। शहद का निर्यात निरंतर बढ़ रहा है और भारतीय शहद की मिठास विश्वभर में पहचान बना रही है। शहद का संरक्षित मूल्य निर्धारित करने की यह पहल मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
उन्होंने मधुमक्खी पालकों से आह्वान किया कि वे योजना का लाभ उठाने के लिए मधुक्रांति पोर्टल व भावांतर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) पर पंजीकरण कराएं। सत्यापन की अवधि 30 जून निर्धारित की गई है। प्रत्येक बक्से पर परिवार पहचान पत्र के अंतिम चार अंक व बक्सा नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा।
यह प्रक्रिया जिला स्तर के अधिकारियों की ओर से पूरी की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए रामनगर स्थित आईबीडीसी के फोन नंबर 70820-09127 पर संपर्क करें। संबंधित जिला उद्यान अधिकारी से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर भी संपर्क किया जा सकता है।