बहादुरगढ़। शहर में बालौर रोड पर राजकीय महाविद्यालय के नजदीक नगर परिषद की तरफ से रैन बसेरे का निर्माण चार वर्ष पहले शुरू तो किया गया, लेकिन पूरा अब तक भी नहीं हो पाया है। ऐसे में गरीबों व बाहर से आने वाले लोगों को रात होने पर ठहरने के लिए कोई स्थान नहीं है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
रैन बसेरे का निर्माण कार्य चार साल पहले वर्ष 2020 में शुरू हुआ था। इस पर दो करोड़ की राशि खर्च होनी थी, लेकिन अभी तक केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पुरा हुआ है। कई वर्षों से कार्य बंद पड़ा है। नगर परिषद चेयरपर्सन की ओर से जल्द ही इस कार्य को दोबारा शुरू करने की बात कही गई है। रैन बसेरे का निर्माण यहां पर इसलिए किया जाना था कि लोगों को फुटपाथों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर खुले आसमान के नीचे ठंड के मौसम में रात काटने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा, लेकिन कार्य पूरा न होने के चलते अब फिर से गरीबों को खुले आसमान के नीचे ठंड में रात बितानी होगी।
रैन बसेरे में नगर परिषद की ओर से ठंड को देखते हुए रसोई, रजाई, गद्दे व अन्य सुविधाओं का पूरा प्रबंध किया जाने का दावा किया गया था, लेकिन लोगों को यह सुविधा नहीं मिली। यहां के निवासी रूपेश कुमार नवीन शर्मा ने बताया कि इस अधूरे रैन बसेरे में अब पशुओं के साथ-साथ नशेड़ी युवक बैठे रहते हैं। इसका समय पर निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो यह ठंड के मौसम में गरीबों के काम आता।
शहर में नहीं है रैन बसेरा
अब तक शहर में कोई भी स्थायी रैन बसेरा नहीं है। इससे मजबूरन लोगों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन के नीचे व फुटपाथों पर ही ठंड में रात काटने को मजबूर होना पड़ता है।
बालौर रोड पर रैन बसेरे के रुके कार्य को जल्द ही शुरू कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर खुलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्माण पर अब लगभग 2 करोड़ 40 लाख की राशि खर्च की जाएगी।
-सरोज राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद बहादुरगढ़।