माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। सरकार ने एक दिसंबर को सब्जी मंडियों में बिकने वाले फल और सब्जी पर मार्केट फीस को लेकर एकमुश्त कर लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया है। सब्जी मंडी आढ़तियों ने इस नए नोटिफिकेशन काे लेकर विरोध जताया है। यह कहना है सब्जी मंडी प्रधान सोनू छाबड़ा का। वे शनिवार को मंडी परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
प्रधान ने कहा कि पहले 2020 में एक प्रतिशत मार्केट फीस व एक प्रतिशत एचआरडीएफ लगाया गया था। इसका प्रदेश के आढ़ती लगातार विरोध कर रहे थे। अब नए नोटिफिकेशन में स्लैब बनाकर एडवांस में आढ़तियों को मार्केट फीस भरने के लिए कहा गया है। इसमें अनेक मुश्किलें व त्रुटियां हैं। यह फैसला व्यापारियों के हित में नहीं है। देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है, जहां काम करने से पहले मार्केट फीस भरवाई जाती हो। हरियाणा के आढ़ती इसका विरोध करते हैं। इसी कड़ी में 20 दिसंबर को सभी छोटी बड़ी मंडियां बंद रहेंगी। आढ़ती अपना लाइसेंस सरेंडर कर देंगे। यह हड़ताल अनिश्चितकाल भी हो सकती है।
मंडी महासचिव साहिल मग्गू ने कहा कि कोरोना काल में डॉक्टरों, सफाई कर्मचारियों व पुलिसकर्मियों को कोरोना योद्धा मानकर सम्मानित किया गया। आढ़तियों से भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया गया। इसके बावजूद सरकार ने यह कर लगाया। इस मौके पर रामेश्वर सैनी, राजकुमार मग्गू, नरेंद्र सैनी, नंदकिशोर, गुलशन, हरीश सैनी, विक्की ढुल, राजू मेंहदीरत्ता, राहुल समेत अनेक लोग मौजूद रहे।